📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Women against Sexual Violence and State Repression
अपराध
छत्तीसगढ़ पुलिस ने एआई‑जनित राजनीतिक वीडियो पर FIR दर्ज की
✍️ The New Indian Express
🗓 27 अग. 2026, 10:32 AM
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छत्तीसगढ़ पुलिस ने राजनीतिक व्यक्तियों को दिखाने वाले एआई‑जनित वीडियो के प्रसार पर FIR दर्ज कर ली, जिससे गलत सूचना फैलने की चिंता जताई गई।
छत्तीसगढ़ पुलिस ने एआई‑जनित वीडियो के प्रसार करने वाले अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज कर ली है, जिसमें राजनीतिक नेताओं को दिखाया गया है। ये रिपोर्टें तब दायर की गईं जब कई ऐसे क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल होने लगे, जिससे अधिकारियों ने कदम उठाया।
इन वीडियो को डीप‑फेक तकनीक से बनाया गया है, जिसमें राजनेता ऐसे बयान दे रहे दिखते हैं जो उन्होंने कभी नहीं कहे। इस प्रकार की सामग्री से जनता में भ्रम और आगामी चुनावों में मतदाता राय को प्रभावित करने की संभावना बढ़ती है।
पुलिस ने बताया कि FIR में भारतीय दंड संहिता की मानहानि, आपराधिक धमकी और झूठी सूचना के प्रसार से संबंधित धाराओं को लागू किया गया है। अब वे निर्माताओं और वितरकों के डिजिटल निशान का पता लगाने की प्रक्रिया में हैं और जनता से समान सामग्री की सूचना देने का आग्रह कर रहे हैं।
यह कदम देश में एआई उपकरणों के राजनीतिक दुरुपयोग को लेकर बढ़ते बहस के बीच आया है, जहाँ विधायकों और तकनीकी विशेषज्ञों ने डीप‑फेक प्रचार को रोकने के लिए कड़े नियमों की मांग की है।
इन वीडियो को डीप‑फेक तकनीक से बनाया गया है, जिसमें राजनेता ऐसे बयान दे रहे दिखते हैं जो उन्होंने कभी नहीं कहे। इस प्रकार की सामग्री से जनता में भ्रम और आगामी चुनावों में मतदाता राय को प्रभावित करने की संभावना बढ़ती है।
पुलिस ने बताया कि FIR में भारतीय दंड संहिता की मानहानि, आपराधिक धमकी और झूठी सूचना के प्रसार से संबंधित धाराओं को लागू किया गया है। अब वे निर्माताओं और वितरकों के डिजिटल निशान का पता लगाने की प्रक्रिया में हैं और जनता से समान सामग्री की सूचना देने का आग्रह कर रहे हैं।
यह कदम देश में एआई उपकरणों के राजनीतिक दुरुपयोग को लेकर बढ़ते बहस के बीच आया है, जहाँ विधायकों और तकनीकी विशेषज्ञों ने डीप‑फेक प्रचार को रोकने के लिए कड़े नियमों की मांग की है।