📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Waheed
कृषि
छत्तीसगढ़ में पोरा तिहार 2026: मिट्टी, किसान और पशुओं को सम्मान
✍️ Organiser
🗓 10 सित. 2026, 06:48 PM
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छत्तीसगढ़ ने पोरा तिहार 2026 मनाया, जिसमें मिट्टी, किसान और पशुओं के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा को उजागर किया गया।
छत्तीसगढ़ ने पोरा तिहार 2026 मनाया, जो भूमि, किसान और पशुओं के साथ गहरी जुड़ाव को सम्मानित करने वाला एक सांस्कृतिक कार्यक्रम है। स्थानीय संगठनों द्वारा आयोजित इस उत्सव में पारम्परिक अनुष्ठान शामिल थे, जो कृषि उत्पादन को पोषित करने वाली धरती के प्रति कृतज्ञता दर्शाते हैं।
आयोजकों ने बताया कि यह त्यौहार मिट्टी की सेहत, किसान कल्याण और पशुपालन की आपसी निर्भरता को उजागर करता है, जो राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था के मुख्य स्तंभ हैं। कार्यक्रम में सामुदायिक बीजारोपण, लोकनृत्य और स्वदेशी पशु प्रजातियों की प्रदर्शनी शामिल रही।
ऑर्गनाइज़र की रिपोर्ट के अनुसार, इस उत्सव का उद्देश्य सतत खेती और स्वदेशी पशु प्रजातियों के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है, जिससे पोरा तिहार राज्य के लोगों के लिए सांस्कृतिक और पर्यावरणीय दोनों रूप में स्मरणीय बनता है।
आयोजकों ने बताया कि यह त्यौहार मिट्टी की सेहत, किसान कल्याण और पशुपालन की आपसी निर्भरता को उजागर करता है, जो राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था के मुख्य स्तंभ हैं। कार्यक्रम में सामुदायिक बीजारोपण, लोकनृत्य और स्वदेशी पशु प्रजातियों की प्रदर्शनी शामिल रही।
ऑर्गनाइज़र की रिपोर्ट के अनुसार, इस उत्सव का उद्देश्य सतत खेती और स्वदेशी पशु प्रजातियों के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है, जिससे पोरा तिहार राज्य के लोगों के लिए सांस्कृतिक और पर्यावरणीय दोनों रूप में स्मरणीय बनता है।