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धर्म
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने त्रिपल तलाक आदेश को रद्द किया, धर्म कानून नहीं तय कर सकता
✍️ The Indian Express
🗓 08 सित. 2026, 03:33 PM
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छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने त्रिपल तलाक संबंधी आदेश को रद्द कर दिया और कहा कि धर्म कानून का आधार नहीं बन सकता।
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने त्रिपल तलाक को अनुमति देने वाले पूर्व आदेश को रद्द कर दिया और कहा कि धार्मिक मान्यताएँ कानून का आधार नहीं बन सकतीं। न्यायालय ने संविधान की सर्वोच्चता को व्यक्तिगत धार्मिक रीति‑रिवाजों पर लागू करने की आवश्यकता पर बल दिया। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के उन निर्णयों के अनुरूप है, जिन्होंने इस प्रथा को असंवैधानिक घोषित किया है। विधि विशेषज्ञों का मानना है कि यह आदेश सभी नागरिकों के लिए समान कानूनी ढांचा सुनिश्चित करने के सिद्धांत को सुदृढ़ करता है। इस फैसले से देश भर में व्यक्तिगत कानून सुधारों पर चल रहे बहसों पर असर पड़ने की संभावना है।