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धर्म
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने फतवा को कोई कानूनी मान्यता नहीं मानते, याचिका खारिज
✍️ Live Law
🗓 06 नव. 2026, 12:32 PM
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छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने फतवा की प्रवर्तन क्षमता को लेकर दायर याचिका खारिज कर दी, यह कहा कि धार्मिक फ़तवे का भारतीय कानून में कोई कानूनी मान्य नहीं है।
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने एक याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें फतवा को कानूनी रूप से लागू करने की मांग की गई थी। न्यायालय ने कहा कि फतवा केवल धार्मिक राय हैं और उनका भारतीय कानून में कोई वैधानिक या न्यायिक अधिकार नहीं है।
याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया था कि कुछ फतवा व्यक्तियों पर दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल हो रहे हैं, पर कोर्ट ने स्पष्ट किया कि न्यायपालिका को ऐसे गैर‑वैधानिक आदेशों को कानूनी शक्ति नहीं देना चाहिए।
निर्णय ने यह सिद्ध किया कि केवल विधि और न्यायिक आदेश ही अदालत में पक्षों को बाध्य कर सकते हैं, और किसी भी धार्मिक आदेश को लागू करने का प्रयास कानूनी ढांचे से बाहर है।
यह फैसला भारत में व्यक्तिगत धार्मिक मार्गदर्शन और लागू होने वाले कानूनी ढांचे के बीच स्पष्ट विभाजन को रेखांकित करता है।
याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया था कि कुछ फतवा व्यक्तियों पर दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल हो रहे हैं, पर कोर्ट ने स्पष्ट किया कि न्यायपालिका को ऐसे गैर‑वैधानिक आदेशों को कानूनी शक्ति नहीं देना चाहिए।
निर्णय ने यह सिद्ध किया कि केवल विधि और न्यायिक आदेश ही अदालत में पक्षों को बाध्य कर सकते हैं, और किसी भी धार्मिक आदेश को लागू करने का प्रयास कानूनी ढांचे से बाहर है।
यह फैसला भारत में व्यक्तिगत धार्मिक मार्गदर्शन और लागू होने वाले कानूनी ढांचे के बीच स्पष्ट विभाजन को रेखांकित करता है।