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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने ज़ोमैटो डिलीवरी एजेंट को मेंटेनेंस मामले में राहत दी
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ashish.prajapati90
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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने ज़ोमैटो डिलीवरी एजेंट को मेंटेनेंस मामले में राहत दी

✍️ ETV Bharat 🗓 22 अग. 2026, 04:34 PM 👁 32
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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक ज़ोमैटो डिलीवरी एजेंट को वाहन मेंटेनेंस के विवाद में राहत का आदेश दिया, यह कहा कि इंजीनियरिंग डिग्री से स्वाभाविक रूप से उच्च आय नहीं मिलती।

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक ज़ोमैटो डिलीवरी एजेंट के पक्ष में फैसला सुनाया, जिसने वाहन मेंटेनेंस से जुड़ी लागत के बारे में विवाद किया था। कोर्ट ने पाया कि रख‑रखाव का खर्च अनुचित रूप से कर्मचारी पर नहीं डाला जाना चाहिए और नियोक्ता को इस मुद्दे को सुलझाने का निर्देश दिया।

सुनवाई के दौरान न्यायालय ने कहा कि इंजीनियरिंग डिग्री होने से गिग‑इकोनॉमी जैसे फूड‑डिलीवरी काम में स्वाभाविक रूप से उच्च आय नहीं मिलती। यह निर्णय इस बात पर प्रकाश डालता है कि नियोक्ताओं को कर्मचारियों की वास्तविक कमाई क्षमता को उनके शैक्षणिक योग्यता से अलग‑अलग देखना चाहिए।

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला गिग‑इकोनॉमी के अन्य मामलों में भी मिसाल बन सकता है, जहाँ कामगार अक्सर उच्च परिचालन खर्चों का सामना करते हैं। ज़ोमैटो ने अभी तक इस निर्णय पर कोई टिप्पणी नहीं की है, पर कोर्ट का आदेश उसके राइडर रिइम्बर्समेंट नीति की पुनः समीक्षा को प्रेरित कर सकता है।

यह मामला छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में दायर किया गया था, जो बिलासपुर में स्थित है, और सबूतों के आधार पर एजेंट को राहत प्रदान की गई।
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