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28 सित. 2026•
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छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने 25,000 रुपये का RTI जुर्माना रद्द, माला‑फ़ाइड इरादा सिद्ध करना अनिवार्य
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ashish.prajapati90
राजनीति

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने 25,000 रुपये का RTI जुर्माना रद्द, माला‑फ़ाइड इरादा सिद्ध करना अनिवार्य

✍️ Live Law 🗓 08 सित. 2026, 04:36 AM 👁 30
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छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने RTI अधिनियम के तहत लगाए गए 25,000 रुपये के जुर्माने को रद्द कर दिया, यह कहा कि माला‑फ़ाइड इरादा सिद्ध होना चाहिए।

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने बुधवार को RTI (सूचना का अधिकार) अधिनियम के तहत लगाए गए 25,000 रुपये के जुर्माने को रद्द कर दिया। कोर्ट ने कहा कि जुर्माना तभी लगाया जा सकता है जब सार्वजनिक प्राधिकारी यह सिद्ध कर सके कि आवेदक ने जानकारी छिपाने के इरादे से बुरे इरादे (माला‑फ़ाइड इरादा) से कार्य किया है।

निर्णय में यह स्पष्ट किया गया कि बुरे इरादे का बोझ प्राधिकारी पर है और केवल प्रक्रियात्मक त्रुटियों से इसे नहीं माना जा सकता। यह रुख भविष्य में RTI मामलों में दंडात्मक कार्रवाई के लिए ठोस साक्ष्य की आवश्यकता को रेखांकित करता है।

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला अन्य राज्य न्यायालयों में समान मामलों में संदर्भ बन सकता है, जिससे सूचना के अधिकार को प्रोत्साहित करने और प्रशासनिक दुरुपयोग को रोकने के बीच संतुलन बनाये रखने की दिशा में राष्ट्रीय चर्चा को दिशा मिलेगी।

हाई कोर्ट ने संबंधित विभाग को जुर्माना वापस लेने और RTI अधिनियम की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। आवेदक के व्यवहार की पुनः जाँच के बाद कोई अतिरिक्त दंड नहीं लगाया गया।

यह निर्णय अन्य राज्य tribunals में भी उद्धृत होने की संभावना है, जिससे जवाबदेही और प्रशासनिक विवेक के बीच संतुलन पर राष्ट्रीय स्तर पर प्रभाव पड़ेगा।
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