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28 सित. 2026•
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छत्तीसगढ़ ने कहा अनुसूचित जाति आयोग को आपराधिक मामलों में अधिकार नहीं
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Storysbyharish
राजनीति

छत्तीसगढ़ ने कहा अनुसूचित जाति आयोग को आपराधिक मामलों में अधिकार नहीं

✍️ livelaw.in 🗓 24 सित. 2026, 07:32 AM 👁 31
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छत्तीसगढ़ सरकार ने बताया कि अनुसूचित जाति आयोग आपराधिक आरोपों का फैसला नहीं कर सकता और न ही अपराध सिद्ध कर सकता है; इसका कार्य केवल प्रशासनिक और सुधारात्मक है।

नई दिल्ली – छत्तीसगढ़ सरकार ने स्पष्ट किया कि अनुसूचित जाति आयोग को आपराधिक मामलों का फैसला करने का अधिकार नहीं है। आयोग का कार्य केवल जाति‑आधारित भेदभाव की शिकायतों की जांच, सुधारात्मक उपाय सुझाना और अनुसूचित जाति‑अनुसूचित जनजाति (हिंसा रोकथाम) अधिनियम के अनुपालन की निगरानी तक सीमित है।

कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि आयोग अपने निष्कर्ष पुलिस या न्यायालय को भेज सकता है, पर वह स्वयं दोषी या निरपराध घोषित नहीं कर सकता। यह विभाजन न्यायिक प्रणाली और वैधानिक निकायों के बीच शक्ति संतुलन को बनाए रखता है।

यह स्पष्टीकरण कई हाई‑प्रोफ़ाइल मामलों के बाद आया, जहाँ पीड़ितों ने आपराधिक राहत के लिए आयोग से मदद मांगी थी। अधिकारियों ने शिकायतकर्ताओं को सलाह दी कि आपराधिक कार्रवाई के लिए पुलिस में एफआईआर दर्ज करें, जबकि आयोग को जाति‑आधारित उत्पीड़न के निवारण और पीड़ित सहायता के लिए उपयोग किया जाए।

राज्य सरकार ने अपने कानूनी विभाग को निर्देश दिया है कि यह दिशा‑निर्देश जिलास्तर पर वितरित किया जाए, ताकि भविष्य में अधिकार क्षेत्र की भ्रमित स्थितियों से बचा जा सके।
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