🔥 ट्रेंडिंग Rare Siberian and Mongolian Migratory... भागलपुर में विजयादशमी के पूर्व प्रतिमा... India Post launches 'Secure Future' bo... आबूरोड के ब्रह्माकुमारीज शांतिवन परिसर... मध्य प्रदेश में हाईकोर्ट के फैसले के ब... RBI Report Shows Rising Digital Financ...
22 अक्टू. 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
स्थानीय

छतरपुर में सामाजिक कार्यकर्ता भूमानीदीन विश्वकर्मा का निधन, संकट में संगठनों की मौजूदगी पर उठा सवाल

✍️ रिपोर्टर: Pranav Gaur 🗓 22 अक्टू. 2026, 08:52 PM 👁 14
शेयर करें: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

छतरपुर के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूमानीदीन विश्वकर्मा का सड़क हादसे के बाद इलाज के दौरान निधन हो गया। उनके निधन पर सामाजिक संगठनों की मौजूदगी और सहयोग के अभाव पर सवाल उठ रहे हैं।

छतरपुर के प्रतिष्ठित सामाजिक कार्यकर्ता स्व. श्री भूमानीदीन (पप्पू) विश्वकर्मा का निधन हो गया। वे अनेक सामाजिक संगठनों में पदाधिकारी के रूप में कार्यरत रहे और वर्तमान में किसी संगठन के प्रदेश अध्यक्ष थे। सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उनका निधन हो गया।

अफसोस की बात यह है कि संकट की इस घड़ी में किसी भी सामाजिक संगठन ने उनके साथ खड़े होने का प्रयास नहीं किया। जब एक सामाजिक कार्यकर्ता को अपने जीवन के सबसे कठिन समय में सहारे की सबसे ज्यादा जरूरत थी, तब उनके सहयोगी संगठनों की मौजूदगी प्रश्न चिह्न का विषय बन गई।

भूमानीदीन विश्वकर्मा के निधन ने सामाजिक संगठनों की वास्तविक संवेदनशीलता और समर्पण पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। लोगों के बीच यह प्रश्न उठ रहा है कि पद, प्रतिष्ठा और बड़े-बड़े दावों के बावजूद, जब मुसीबत का समय आया तो संगठन अपने ही कार्यकर्ता के साथ क्यों नहीं आए।

यह घटना केवल एक व्यक्ति के निधन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक संगठनों के दावों और उनके वास्तविक कार्यों के बीच के अंतर पर प्रकाश डालती है। भूमानीदीन विश्वकर्मा के जाने से छतरपुर के सामाजिक गोलों में शोक की लहर है, साथ ही संगठनात्मक सहयोग के नैतिक प्रश्नों पर भी गंभीर चर्चा शुरू हो गई है।
📲Get App