📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Charles J. Sharp
विज्ञान
वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिज़र्व में 114 साल बाद चीते लौटे
✍️ The Cliff News
🗓 08 अक्टू. 2026, 02:02 PM
👁 14
मध्य प्रदेश के वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिज़र्व में 114 साल बाद दो चीते छोड़े गए, जिससे इस क्षेत्र में उनकी वापसी दर्ज हुई।
वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिज़र्व में 114 साल बाद चीते छोड़े गए, जिससे इस अभयारण्य में इन शिकारियों की वापसी हुई। वन अधिकारियों ने यह कदम स्थानीय जैव विविधता को पुनर्स्थापित करने और मूलभूत शिकारियों को फिर से स्थापित करने के व्यापक प्रयास के हिस्से के रूप में उठाया है।
अधिकारियों ने बताया कि चीते एक प्रजनन केंद्र से लाए गए और अभयारण्य के ऐसे क्षेत्र में छोड़े गए जहाँ शिकार की उपलब्धता और आवासीय स्थितियों का पहले से मूल्यांकन किया गया था। संरक्षण विशेषज्ञ रडियो कॉलर और फील्ड निरीक्षण के माध्यम से इन जानवरों की अनुकूलन प्रक्रिया और पारिस्थितिकी तंत्र पर उनके प्रभाव को नज़र में रखेंगे।
यह कदम भारत में कई समान पुनर्स्थापना परियोजनाओं के बाद आया है, जिनका उद्देश्य दशकों पहले लुप्त हुए प्रजातियों को फिर से जीवित करना है। अधिकारियों की आशा है कि चीते यहाँ स्थायी जनसंख्या स्थापित करेंगे, जिससे टाइगर रिज़र्व के पारिस्थितिक संतुलन में सुधार होगा और वन्यजीव पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
स्थानीय समुदायों को इस पहल के बारे में सूचित किया गया है और वन कर्मचारियों ने संभावित मानव‑वन्यजीव टकराव को संभालने के लिए तैयारियों को अंतिम रूप दिया है।
अधिकारियों ने बताया कि चीते एक प्रजनन केंद्र से लाए गए और अभयारण्य के ऐसे क्षेत्र में छोड़े गए जहाँ शिकार की उपलब्धता और आवासीय स्थितियों का पहले से मूल्यांकन किया गया था। संरक्षण विशेषज्ञ रडियो कॉलर और फील्ड निरीक्षण के माध्यम से इन जानवरों की अनुकूलन प्रक्रिया और पारिस्थितिकी तंत्र पर उनके प्रभाव को नज़र में रखेंगे।
यह कदम भारत में कई समान पुनर्स्थापना परियोजनाओं के बाद आया है, जिनका उद्देश्य दशकों पहले लुप्त हुए प्रजातियों को फिर से जीवित करना है। अधिकारियों की आशा है कि चीते यहाँ स्थायी जनसंख्या स्थापित करेंगे, जिससे टाइगर रिज़र्व के पारिस्थितिक संतुलन में सुधार होगा और वन्यजीव पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
स्थानीय समुदायों को इस पहल के बारे में सूचित किया गया है और वन कर्मचारियों ने संभावित मानव‑वन्यजीव टकराव को संभालने के लिए तैयारियों को अंतिम रूप दिया है।