📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / A. J. T. Johnsingh, WWF-India and NCF
विज्ञान
कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चीतों के पाँच शावक जन्म, देश में संख्या बढ़कर 60
✍️ Amar Ujala · Bhopal
🗓 05 अक्टू. 2026, 03:16 PM
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कूनो राष्ट्रीय उद्यान में मादा चीत ने पाँच स्वस्थ शावकों को जन्म दिया, जिससे देश में चीतों की संख्या 60 हो गई।
मादा चीत, जिसे KJP21 के नाम से पहचाना गया है, ने कूनो राष्ट्रीय उद्यान, मध्य प्रदेश में पाँच स्वस्थ शावकों को जन्म दिया, जो भारत के संकटग्रस्त चीतों की आबादी के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
इस जन्म की पुष्टि पार्क अधिकारियों द्वारा की गई, जिससे देश में चीतों की कुल संख्या 60 हो गई, जो क्षेत्रीय संरक्षण प्रयासों की प्रगति को दर्शाती है।
कूनो राष्ट्रीय उद्यान, कूनो वन्यजीव अभयारण्य का हिस्सा, 2017 से चीतों के पुन: परिचय और प्रजनन कार्यक्रमों का केंद्र रहा है। सफल पिल्लों की यह किटा पार्क के आवास में प्रजाति के अनुकूलन का सकारात्मक संकेत माना जाता है।
संरक्षणवादियों का कहना है कि पिल्लों की निरंतर निगरानी और पार्क के पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा चीतों की आबादी को स्थिर रखने के लिए आवश्यक है।
इस घटना ने वन्यजीव अधिकारियों और आम जनता का ध्यान आकर्षित किया है, जिससे भारत के शेष चीतों के आवासों को संरक्षित रखने के महत्व पर प्रकाश डाला गया है।
इस जन्म की पुष्टि पार्क अधिकारियों द्वारा की गई, जिससे देश में चीतों की कुल संख्या 60 हो गई, जो क्षेत्रीय संरक्षण प्रयासों की प्रगति को दर्शाती है।
कूनो राष्ट्रीय उद्यान, कूनो वन्यजीव अभयारण्य का हिस्सा, 2017 से चीतों के पुन: परिचय और प्रजनन कार्यक्रमों का केंद्र रहा है। सफल पिल्लों की यह किटा पार्क के आवास में प्रजाति के अनुकूलन का सकारात्मक संकेत माना जाता है।
संरक्षणवादियों का कहना है कि पिल्लों की निरंतर निगरानी और पार्क के पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा चीतों की आबादी को स्थिर रखने के लिए आवश्यक है।
इस घटना ने वन्यजीव अधिकारियों और आम जनता का ध्यान आकर्षित किया है, जिससे भारत के शेष चीतों के आवासों को संरक्षित रखने के महत्व पर प्रकाश डाला गया है।