📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Original: Chirnzb
Derivative work: Unpetitprole
विज्ञान
केन्द्र सरकार अक्टूबर में मेघालय की वैज्ञानिक कोयला खनन संभावनाओं का मूल्यांकन करने जाएगी
✍️ Hub News
🗓 10 सित. 2026, 11:02 PM
👁 52
केंद्रीय सरकार अक्टूबर में मेघालय भेजेगी एक टीम, जो राज्य में वैज्ञानिक कोयला खनन की संभावनाओं का मूल्यांकन करेगी, अधिकारियों ने बताया।
नई दिल्ली मेघालय की ओर एक उच्च‑स्तरीय यात्रा की तैयारी कर रही है, जो अक्टूबर में निर्धारित है, ताकि राज्य में प्रस्तावित वैज्ञानिक कोयला खनन परियोजनाओं के तकनीकी और पर्यावरणीय पहलुओं की समीक्षा की जा सके। यह कदम केंद्रीय सरकार की बढ़ती रुचि को दर्शाता है, जो कम‑प्रभावी खनन विधियों को अपनाकर ऊर्जा की जरूरतों और पारिस्थितिक संतुलन को मिलाने की कोशिश कर रही है।
राज्य के अधिकारियों, जिनमें मुख्यमंत्री के खनन विभाग के प्रमुख शामिल हैं, को इस एजेंडा के बारे में बताया गया है और वे केंद्रीय प्रतिनिधिमंडल की व्यवस्था में सहयोग कर रहे हैं। इस टीम में कोयला मंत्रालय और पर्यावरण मंत्रालय के वरिष्ठ वैज्ञानिक और नीति निर्माताओं को शामिल किया जाएगा।
मूल्यांकन का उद्देश्य उन्नत खनन तकनीकों की संभावनाओं, संभावित राजस्व और राष्ट्रीय पर्यावरण मानकों के अनुपालन की जाँच करना है। सकारात्मक परिणाम मिलने पर पायलट परियोजनाओं की शुरुआत की संभावना है, हालांकि पर्यावरणीय समूहों ने क्षेत्र की नाजुक जैव विविधता को लेकर चेतावनी दी है।
अभी तक किसी परियोजना को मंजूरी नहीं दी गई है; यह यात्रा मुख्य रूप से अन्वेषणात्मक है। फील्ड स्टडी के बाद केंद्रीय टीम एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी, जो मेघालय में कोयला खनन से संबंधित भविष्य की नीतियों और निवेश निर्णयों को दिशा देगी।
राज्य के अधिकारियों, जिनमें मुख्यमंत्री के खनन विभाग के प्रमुख शामिल हैं, को इस एजेंडा के बारे में बताया गया है और वे केंद्रीय प्रतिनिधिमंडल की व्यवस्था में सहयोग कर रहे हैं। इस टीम में कोयला मंत्रालय और पर्यावरण मंत्रालय के वरिष्ठ वैज्ञानिक और नीति निर्माताओं को शामिल किया जाएगा।
मूल्यांकन का उद्देश्य उन्नत खनन तकनीकों की संभावनाओं, संभावित राजस्व और राष्ट्रीय पर्यावरण मानकों के अनुपालन की जाँच करना है। सकारात्मक परिणाम मिलने पर पायलट परियोजनाओं की शुरुआत की संभावना है, हालांकि पर्यावरणीय समूहों ने क्षेत्र की नाजुक जैव विविधता को लेकर चेतावनी दी है।
अभी तक किसी परियोजना को मंजूरी नहीं दी गई है; यह यात्रा मुख्य रूप से अन्वेषणात्मक है। फील्ड स्टडी के बाद केंद्रीय टीम एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी, जो मेघालय में कोयला खनन से संबंधित भविष्य की नीतियों और निवेश निर्णयों को दिशा देगी।