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31 अक्टू. 2026•
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CEA ने कहा 2026 साल 1991 जैसा, भारतीय अर्थव्यवस्था का मोड़ बन सकता है
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Finance of India
बिज़नेस

CEA ने कहा 2026 साल 1991 जैसा, भारतीय अर्थव्यवस्था का मोड़ बन सकता है

✍️ Fortune India 🗓 31 अक्टू. 2026, 06:30 AM 👁 18
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मुख्य आर्थिक सलाहकार ने बताया कि 2026 की आर्थिक स्थिति 1991 जैसी है, जिससे यह वर्ष भारतीय विकास का मोड़ बन सकता है।

नई दिल्ली – मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) ने Fortune India को बताया कि 2026 की आर्थिक स्थिति 1991 के उदारीकरण से पहले की स्थिति से बहुत मिलती‑जुलती है। उन्होंने कहा कि वित्तीय दबाव, चालू खाता घाटा और संरचनात्मक सुधारों की आवश्यकता इस वर्ष को भारतीय अर्थव्यवस्था के संभावित मोड़ पर ला सकती है।

1991 में भारत को भुगतान संतुलन संकट का सामना करना पड़ा, जिससे बाजार खोलने, प्रमुख क्षेत्रों को नियमन मुक्त करने और विदेशी निवेश आकर्षित करने की नीति अपनाई गई। उन सुधारों ने बाद में निरंतर विकास की नींव रखी। CEA का मानना है कि वर्तमान में भी उच्च वित्तीय घाटा, बढ़ती महंगाई और निजी निवेश में गिरावट जैसी समस्याएँ समान सुधारों को प्रेरित कर सकती हैं, बशर्ते समय पर कदम उठाए जाएँ।

विश्लेषकों का कहना है कि यह तुलना समान परिणामों की गारंटी नहीं देती। आज का बाहरी माहौल अधिक अनुकूल है, पर CEA ने वित्तीय स्थिरीकरण, विश्वसनीय मौद्रिक नीति और श्रम‑उत्पादक बाजार में तेज़ संरचनात्मक बदलावों की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।

इस बयान ने अर्थशास्त्रियों और उद्योग नेताओं के बीच चर्चा छेड़ दी है; कई इसे सरकार को अपनी सुधार एजेंडा को तेज़ करने का संकेत मान रहे हैं। यदि सुझाए गए कदम लागू हो जाएँ, तो 2026 वास्तव में भारत की आर्थिक दिशा में एक महत्वपूर्ण वर्ष बन सकता है।
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