📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Sanjibroy56
अपराध
सीबीआई ने 2012 में ट्रिपुरा राइफलमैन की ट्रेन गायब होने की जांच संभाली
✍️ India Today
🗓 02 नव. 2026, 12:01 AM
👁 24
केन्द्रीय जांच ब्यूरो को 2012 में ट्रिपुरा के राइफलमैन के ट्रेन से गायब होने के मामले की जांच सौंप दी गई है।
नई दिल्ली, 1 नवंबर (इंडिया टुडे) – केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को 2012 में एक ट्रिपुरा के राइफलमैन के ट्रेन से गायब होने के मामले की जांच संभालने का निर्देश दिया गया है। यह निर्णय वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा घोषित किया गया, जिससे पहले राज्य स्तर पर चल रही जांच को केंद्र के एजेंसी को सौंपा गया, जो इस मामले की अनसुलझी स्थितियों को दर्शाता है।
राइफलमैन का नाम आधिकारिक तौर पर नहीं बताया गया, लेकिन रिपोर्टों के अनुसार वह उत्तरपूर्वी रेल मार्ग पर चल रही एक यात्री ट्रेन में यात्रा कर रहा था, जब वह अचानक गायब हो गया। वर्षों से कई पूछताछें हुईं, परंतु उसकी गुमशुदगी के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए, जिससे केंद्र सरकार ने हस्तक्षेप किया।
सीबीआई के अधीन, फोरेंसिक टीमें और जांच अधिकारी मौजूदा साक्ष्य की पुनः जाँच करेंगे, गवाहों से पूछताछ करेंगे और सुरक्षा से जुड़े संभावित संबंधों की तलाश करेंगे। एजेंसी ने जांच समाप्त करने की कोई समयसीमा नहीं बताई, परंतु निष्पक्ष और गहन जांच करने की प्रतिबद्धता जताई है।
अधिकारियों ने जनता और संभावित सूचनादाताओं से सहयोग करने का अनुरोध किया है, यह कहा कि नई जानकारी इस बारह साल पुराने मामले को सुलझाने में महत्वपूर्ण हो सकती है। जांच क्षेत्र में चल रहे सामान्य सुरक्षा कार्यों के साथ आगे बढ़ेगी।
यह मामला रक्षा समुदाय और स्थानीय निवासियों दोनों का ध्यान आकर्षित कर रहा है, जो एक सक्रिय सैनिक की रहस्यमय गुमशुदगी पर स्पष्टता चाहते थे। सीबीआई की भागीदारी इस अनसुलझे घटना में एक महत्वपूर्ण मोड़ का संकेत देती है।
राइफलमैन का नाम आधिकारिक तौर पर नहीं बताया गया, लेकिन रिपोर्टों के अनुसार वह उत्तरपूर्वी रेल मार्ग पर चल रही एक यात्री ट्रेन में यात्रा कर रहा था, जब वह अचानक गायब हो गया। वर्षों से कई पूछताछें हुईं, परंतु उसकी गुमशुदगी के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए, जिससे केंद्र सरकार ने हस्तक्षेप किया।
सीबीआई के अधीन, फोरेंसिक टीमें और जांच अधिकारी मौजूदा साक्ष्य की पुनः जाँच करेंगे, गवाहों से पूछताछ करेंगे और सुरक्षा से जुड़े संभावित संबंधों की तलाश करेंगे। एजेंसी ने जांच समाप्त करने की कोई समयसीमा नहीं बताई, परंतु निष्पक्ष और गहन जांच करने की प्रतिबद्धता जताई है।
अधिकारियों ने जनता और संभावित सूचनादाताओं से सहयोग करने का अनुरोध किया है, यह कहा कि नई जानकारी इस बारह साल पुराने मामले को सुलझाने में महत्वपूर्ण हो सकती है। जांच क्षेत्र में चल रहे सामान्य सुरक्षा कार्यों के साथ आगे बढ़ेगी।
यह मामला रक्षा समुदाय और स्थानीय निवासियों दोनों का ध्यान आकर्षित कर रहा है, जो एक सक्रिय सैनिक की रहस्यमय गुमशुदगी पर स्पष्टता चाहते थे। सीबीआई की भागीदारी इस अनसुलझे घटना में एक महत्वपूर्ण मोड़ का संकेत देती है।