📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Rajbir Dhaliwal
अपराध
सीबीआई ने पंजाब सीएम के सहायक राजबीर घुमान को पोस्टिंग जांच में नया समन जारी किया
✍️ India Today
🗓 10 अक्टू. 2026, 03:16 AM
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केन्द्रीय जांच ब्यूरो ने पंजाब के मुख्यमंत्री के सहायक राजबीर घुमान को सरकारी पोस्टिंग में कथित अनियमितताओं की जांच के तहत नया समन जारी किया है।
केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के सहायक राजबीर घुमान को सरकारी अधिकारियों की पोस्टिंग में कथित अनियमितताओं की जांच के संबंध में नया समन जारी किया है। यह समन उन पोस्टिंग मामलों की व्यापक जाँच का हिस्सा है, जिसमें यह जांचा जा रहा है कि क्या नियुक्तियों और स्थानांतरणों में राजनीतिक प्रभाव रहा है।
जांचकर्ता विभिन्न राज्य विभागों में की गई पोस्टिंगों की समीक्षा कर रहे हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या प्रक्रिया में पक्षपात या नियमों का उल्लंघन हुआ है। मुख्यमंत्री के करीबी सहयोगी के रूप में घुमान की भूमिका को देखते हुए, सीबीआई ने उनके बयान और संबंधित दस्तावेज़ों की मांग की है।
सीबीआई ने घुमान को निर्दिष्ट तिथि पर न्यायालय में पेश होने का निर्देश दिया है, जहाँ उन्हें पोस्टिंग मामले से जुड़े प्रश्नों के उत्तर देने होंगे। अनुपालन न करने पर आगे की कानूनी कार्रवाई, जिसमें गिरफ्तारी वारंट भी शामिल हो सकता है, की संभावना है।
पंजाब मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस समन पर अभी तक कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है, और घुमान के कानूनी प्रतिनिधियों ने भी उनके रुख के बारे में कोई जानकारी नहीं दी।
यह कदम राज्य में राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों को सुलझाने के लिए सीबीआई की निरंतर कोशिशों को उजागर करता है, जो जनता और मीडिया दोनों का ध्यान आकर्षित कर रहा है।
जांचकर्ता विभिन्न राज्य विभागों में की गई पोस्टिंगों की समीक्षा कर रहे हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या प्रक्रिया में पक्षपात या नियमों का उल्लंघन हुआ है। मुख्यमंत्री के करीबी सहयोगी के रूप में घुमान की भूमिका को देखते हुए, सीबीआई ने उनके बयान और संबंधित दस्तावेज़ों की मांग की है।
सीबीआई ने घुमान को निर्दिष्ट तिथि पर न्यायालय में पेश होने का निर्देश दिया है, जहाँ उन्हें पोस्टिंग मामले से जुड़े प्रश्नों के उत्तर देने होंगे। अनुपालन न करने पर आगे की कानूनी कार्रवाई, जिसमें गिरफ्तारी वारंट भी शामिल हो सकता है, की संभावना है।
पंजाब मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस समन पर अभी तक कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है, और घुमान के कानूनी प्रतिनिधियों ने भी उनके रुख के बारे में कोई जानकारी नहीं दी।
यह कदम राज्य में राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों को सुलझाने के लिए सीबीआई की निरंतर कोशिशों को उजागर करता है, जो जनता और मीडिया दोनों का ध्यान आकर्षित कर रहा है।