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28 सित. 2026•
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हिमाचल में कैंसर जोखिम: कीटनाशक, तंबाकू और बदलते आहार
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / UnpetitproleX
स्वास्थ्य

हिमाचल में कैंसर जोखिम: कीटनाशक, तंबाकू और बदलते आहार

✍️ The News Himachal 🗓 08 सित. 2026, 04:18 PM 👁 35
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स्वास्थ्य अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि कीटनाशकों का बढ़ता उपयोग, तंबाकू की खपत और आहार में बदलाव हिमाचल प्रदेश में कैंसर की चिंताओं को बढ़ा रहे हैं।

हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य प्राधिकरणों ने चेतावनी दी है कि कीटनाशकों के बढ़ते उपयोग, तंबाकू सेवन और बदलते आहार पैटर्न के कारण कैंसर के मामलों में वृद्धि हो सकती है। हालिया अवलोकनों से पता चलता है कि ये तीनों कारक मिलकर जनसंख्या पर गंभीर प्रभाव डाल रहे हैं।

कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि राज्य के खेतों में रसायनिक कीटनाशकों का प्रयोग तेज़ी से बढ़ा है, जिससे खेतों के कामगारों और आस‑पास के निवासियों को दीर्घकालिक संपर्क का जोखिम बढ़ गया है। इन रसायनों में कैंसरजन्य पदार्थ होते हैं जो खाद्य शृंखला में जमा हो सकते हैं।

सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिकारियों ने यह भी रेखांकित किया है कि तंबाकू का सेवन अभी भी एक प्रमुख जोखिम कारक बना हुआ है। पारंपरिक तंबाकू के साथ‑साथ नई उत्पादों और बढ़ती खपत ने स्वास्थ्य बोझ को और बढ़ा दिया है।

पोषण विशेषज्ञों ने बताया कि हिमाचल में आहार पैटर्न में बदलाव हो रहा है; पारंपरिक पौधाधारित भोजन की जगह प्रोसेस्ड और उच्च वसा वाले खाद्य पदार्थों का सेवन बढ़ रहा है, जिससे कैंसर का जोखिम और बढ़ सकता है।

इन सभी चेतावनियों के मद्देनज़र, प्राधिकरणों ने कीटनाशक उपयोग पर कड़ी निगरानी, तंबाकू विरोधी अभियानों को तेज़ करने और स्वस्थ आहार के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने की मांग की है, ताकि उभरते कैंसर खतरे को रोका जा सके।
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