📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Government of India
सरकारी योजना
सीएजी ने पंजाब, हरियाणा, हिमाचल में ग्रीन मिशन में डेटा कमी और निधि कमियों की ओर इशारा किया
✍️ The Times of India
🗓 10 सित. 2026, 03:33 AM
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सीएजी की जांच में पता चला कि तीनों राज्यों में ग्रीन मिशन योजना के कार्यान्वयन में निधि की कमी और डेटा की कमी स्पष्ट है।
सीएजी ने ग्रीन मिशन पर एक रिपोर्ट जारी की, जो पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में वृक्षारोपण, जल संरक्षण और नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए चलाया गया एक बहु‑राज्यीय पर्यावरणीय कार्यक्रम है। इस ऑडिट में वित्तीय आवंटन, परियोजना प्रगति और डेटा रिपोर्टिंग की जांच की गई।\nरिपोर्ट में बताया गया कि तीनों राज्यों ने निर्धारित बजट में उल्लेखनीय कमी दिखाई, जहाँ कई करोड़ रुपये के फंड बकाया या गलत तरीके से उपयोग किए गए। साथ ही, पेड़ लगाए गए क्षेत्र, पुनर्जीवित जल स्रोत और स्थापित नवीकरणीय ऊर्जा इकाइयों जैसे प्रमुख डेटा आधिकारिक रिकॉर्ड में अधूरे या अनुपलब्ध पाए गए।\nसीएजी ने राज्य सरकारों और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से डेटा अंतर को दूर करने, डेटा प्रबंधन को सुदृढ़ करने और शेष फंड को शीघ्रता से मिशन के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए उपयोग करने का आग्रह किया है, विशेषकर 2025 की समय सीमा से पहले।\nविश्वसनीय डेटा के अभाव में इस योजना के पर्यावरणीय प्रभाव का सही मूल्यांकन करना कठिन हो जाता है, जिससे क्षेत्र की जलवायु‑स्थिरता के उद्देश्यों को नुकसान पहुँच सकता है।