📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prime Minister's Office
कृषि
कैबिनेट ने दो डेज़र्ट असिस्टेंस किस्तें मंजूर की, सूखे से निपटने के नए कदम तय किए
✍️ The Hindu
🗓 02 अक्टू. 2026, 06:32 AM
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केंद्रीय कैबिनेट ने दो डेज़र्ट असिस्टेंस की किस्तें मंजूर की और सूखे को कम करने के लिए अतिरिक्त उपायों की रूपरेखा प्रस्तुत की।
नई दिल्ली: सोमवार को हुए कैबिनेट बैठक में केंद्रीय कैबिनेट ने दो डेज़र्ट असिस्टेंस (डीए) की किस्तों के जारी करने को मंजूरी दी, जिसका उद्देश्य जल संकट से जूझ रहे राज्यों को सहायता प्रदान करना है। यह निर्णय प्रभावित क्षेत्रों को शीघ्र राहत निधि पहुँचाने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
स्वीकृत किस्तें चरणबद्ध रूप से जारी की जाएँगी, जिससे राज्यों को जल संकट निवारण परियोजनाओं की योजना बनाने और कार्यान्वित करने में वित्तीय स्थिरता मिलेगी। जबकि राशि का विवरण नहीं दिया गया, दो‑किस्ती मॉडल निरंतर निधि प्रवाह सुनिश्चित करने के लिए चुना गया है।
धन के अलावा, कैबिनेट ने जल संरक्षण उपायों को बढ़ावा देना, सिंचाई बुनियादी ढाँचे को सुदृढ़ करना और फसल नुकसान का सामना कर रहे किसानों को अतिरिक्त समर्थन प्रदान करने जैसे कदमों की रूपरेखा प्रस्तुत की। इन उपायों को राज्य सरकारों के साथ समन्वय में लागू किया जाएगा ताकि प्रभाव अधिकतम हो सके।
यह कदम तब आया है जब देश के कई हिस्सों में वर्षा सामान्य से कम रही है, जिससे कृषि उत्पादन और ग्रामीण आजीविका को खतरा है। कैबिनेट ने कहा कि वित्तीय सहायता और संबंधित उपायों का समय पर कार्यान्वयन गहरी संकट को रोकने के लिए अत्यावश्यक है।
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय सहायता के उपयोग और सूखे‑निवारण रणनीतियों की प्रभावशीलता पर निगरानी रखेगा और नियमित अपडेट देगा।
स्वीकृत किस्तें चरणबद्ध रूप से जारी की जाएँगी, जिससे राज्यों को जल संकट निवारण परियोजनाओं की योजना बनाने और कार्यान्वित करने में वित्तीय स्थिरता मिलेगी। जबकि राशि का विवरण नहीं दिया गया, दो‑किस्ती मॉडल निरंतर निधि प्रवाह सुनिश्चित करने के लिए चुना गया है।
धन के अलावा, कैबिनेट ने जल संरक्षण उपायों को बढ़ावा देना, सिंचाई बुनियादी ढाँचे को सुदृढ़ करना और फसल नुकसान का सामना कर रहे किसानों को अतिरिक्त समर्थन प्रदान करने जैसे कदमों की रूपरेखा प्रस्तुत की। इन उपायों को राज्य सरकारों के साथ समन्वय में लागू किया जाएगा ताकि प्रभाव अधिकतम हो सके।
यह कदम तब आया है जब देश के कई हिस्सों में वर्षा सामान्य से कम रही है, जिससे कृषि उत्पादन और ग्रामीण आजीविका को खतरा है। कैबिनेट ने कहा कि वित्तीय सहायता और संबंधित उपायों का समय पर कार्यान्वयन गहरी संकट को रोकने के लिए अत्यावश्यक है।
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय सहायता के उपयोग और सूखे‑निवारण रणनीतियों की प्रभावशीलता पर निगरानी रखेगा और नियमित अपडेट देगा।