शिक्षा
बड़वानी के पीजी कॉलेज में सामाजिक दायित्व पर कार्यशाला और नुक्कड़ नाटक का आयोजन
प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस बड़वानी में सेवा संकल्प अभियान के तहत सामाजिक दायित्व विषय पर कार्यशाला और नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। विशेष वक्ताओं ने विद्यार्थियों को नैतिकता और राष्ट्र निर्माण में सामाजिक उत्तरदायित्व की भूमिका समझाई।
बड़वानी, 16 अक्टूबर 2026: प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस शहीद भीमा नायक शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आज 'सेवा संकल्प अभियान 2026' के अंतर्गत सामाजिक दायित्व विषय पर एक महत्वपूर्ण कार्यशाला एवं नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. वीणा सत्य के मार्गदर्शन और अभियान के नोडल डॉक्टर मधुसूदन चौबे के निर्देशन में समाज कार्य एवं समाजशास्त्र विभाग के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना और आदर्श व्यक्तित्व निर्माण की ओर प्रेरित करना था।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता डॉ. लक्ष्मण रजाने ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सामाजिक उत्तरदायित्व का सीधा संबंध कर्तव्यों एवं नैतिकता से है। उन्होंने बताया कि सामाजिक उत्तरदायित्वों के पालन से ही व्यक्ति, परिवार, समाज और राष्ट्र का समग्र विकास संभव है। विशेष वक्ता के रूप में आमंत्रित डॉ. अविनाश वानखेड़े ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए स्पष्ट किया कि जैसे मानव अधिकार मनुष्य होने के नाते स्वतः प्राप्त होते हैं, वैसे ही सामाजिक दायित्व भी प्रत्येक मनुष्य को जानने, समझने और पालन करने के लिए आवश्यक हैं।
कार्यक्रम के दौरान प्रोफेसर अर्चना पीपलाद ने कविता के माध्यम से सामाजिक दायित्व की गहराई को समझाया। समाजशास्त्र की प्राध्यापक और कार्यक्रम समन्वयक मनीषा धारवाल ने राष्ट्र निर्माण एवं देश के समग्र विकास हेतु प्रत्येक नागरिक द्वारा सामाजिक दायित्वों का निर्माण आवश्यक बताया। कार्यशाला के पश्चात विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से इस विषय को विस्तृत रूप से प्रस्तुत किया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन प्रोफेसर रितु कुमरावत ने किया और आभार प्रकट किया।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता डॉ. लक्ष्मण रजाने ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सामाजिक उत्तरदायित्व का सीधा संबंध कर्तव्यों एवं नैतिकता से है। उन्होंने बताया कि सामाजिक उत्तरदायित्वों के पालन से ही व्यक्ति, परिवार, समाज और राष्ट्र का समग्र विकास संभव है। विशेष वक्ता के रूप में आमंत्रित डॉ. अविनाश वानखेड़े ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए स्पष्ट किया कि जैसे मानव अधिकार मनुष्य होने के नाते स्वतः प्राप्त होते हैं, वैसे ही सामाजिक दायित्व भी प्रत्येक मनुष्य को जानने, समझने और पालन करने के लिए आवश्यक हैं।
कार्यक्रम के दौरान प्रोफेसर अर्चना पीपलाद ने कविता के माध्यम से सामाजिक दायित्व की गहराई को समझाया। समाजशास्त्र की प्राध्यापक और कार्यक्रम समन्वयक मनीषा धारवाल ने राष्ट्र निर्माण एवं देश के समग्र विकास हेतु प्रत्येक नागरिक द्वारा सामाजिक दायित्वों का निर्माण आवश्यक बताया। कार्यशाला के पश्चात विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से इस विषय को विस्तृत रूप से प्रस्तुत किया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन प्रोफेसर रितु कुमरावत ने किया और आभार प्रकट किया।