🚨 बड़ी खबर | नोएडा से कर्मचारियों के शोषण का गंभीर मामला! उत्तर प्रदेश के नोएडा, बैरंगपुर स्थित Delhivery कंपनी में कर्मचारियों की सैलरी को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं
🚨 बड़ी खबर | नोएडा से कर्मचारियों के शोषण का गंभीर मामला!
उत्तर प्रदेश के नोएडा, बैरंगपुर स्थित Delhivery कंपनी में कर्मचारियों की सैलरी को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
कर्मचारी का आरोप है कि वेंडर और HR की ओर से उसकी 7 दिनों की मेहनत की कमाई रोक ली गई है। जब कर्मचारी ने HR से अपनी सैलरी मांगी तो उसे कथित तौर पर कहा गया कि नोटिस पीरियड पूरा नहीं करने पर सैलरी नहीं मिलेगी।
हैरानी की बात यह है कि जब कर्मचारी ने अपनी पे-स्लिप मांगी तो वेंडर ने कहा कि उसके पास पे-स्लिप नहीं है। कर्मचारी ने यह भी पूछा कि आखिर किस बात के पैसे काटे गए हैं, लेकिन उसे कटौती का कोई स्पष्ट हिसाब नहीं दिया गया।
आरोप है कि जब कर्मचारी ने अपनी मेहनत की कमाई मांगी तो वेंडर ने जवाब दिया — "जो करना है सो कर लेना!"
कर्मचारी का दावा है कि इस पूरे मामले का वीडियो प्रूफ भी उसके पास मौजूद है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या कर्मचारियों की मेहनत की कमाई का हिसाब मांगना भी गलत है? आखिर 7 दिनों की सैलरी क्यों रोकी गई और पे-स्लिप क्यों नहीं दी जा रही?
प्रशासन और श्रम विभाग से मांग है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर कर्मचारियों को न्याय दिलाया जाए।
📢 मेहनत करने वाले कर्मचारियों को उनका हक मिलना चाहिए!
उत्तर प्रदेश के नोएडा, बैरंगपुर स्थित Delhivery कंपनी में कर्मचारियों की सैलरी को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
कर्मचारी का आरोप है कि वेंडर और HR की ओर से उसकी 7 दिनों की मेहनत की कमाई रोक ली गई है। जब कर्मचारी ने HR से अपनी सैलरी मांगी तो उसे कथित तौर पर कहा गया कि नोटिस पीरियड पूरा नहीं करने पर सैलरी नहीं मिलेगी।
हैरानी की बात यह है कि जब कर्मचारी ने अपनी पे-स्लिप मांगी तो वेंडर ने कहा कि उसके पास पे-स्लिप नहीं है। कर्मचारी ने यह भी पूछा कि आखिर किस बात के पैसे काटे गए हैं, लेकिन उसे कटौती का कोई स्पष्ट हिसाब नहीं दिया गया।
आरोप है कि जब कर्मचारी ने अपनी मेहनत की कमाई मांगी तो वेंडर ने जवाब दिया — "जो करना है सो कर लेना!"
कर्मचारी का दावा है कि इस पूरे मामले का वीडियो प्रूफ भी उसके पास मौजूद है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या कर्मचारियों की मेहनत की कमाई का हिसाब मांगना भी गलत है? आखिर 7 दिनों की सैलरी क्यों रोकी गई और पे-स्लिप क्यों नहीं दी जा रही?
प्रशासन और श्रम विभाग से मांग है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर कर्मचारियों को न्याय दिलाया जाए।
📢 मेहनत करने वाले कर्मचारियों को उनका हक मिलना चाहिए!