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बड़ी खबर | इंदौर-धार रेल लाइन का हाईस्पीड ट्रायल सफल
इंदौर-दाहोद रेल परियोजना: टीही-धार खंड पर 130 किमी/घंटे की रफ्तार से इलेक्ट्रिक इंजन का सफल ट्रायल मध्य प्रदेश में इंदौर-दाहोद रेल परियोजना के तहत टीही से धार के बीच करीब 47 किलोमीटर लंबे रेलखंड पर इलेक्ट्रिक इंजन का ट्रायल सफल रहा। ट्रायल के दौरान इंजन 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ा। अब यात्री ट्रेनों के संचालन के लिए रेलवे सुरक्षा आयुक्त की जांच और आवश्यक मंजूरी का इंतजार है। इस परियोजना से इंदौर, पीथमपुर और धार की रेल कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है.
मध्य प्रदेश के लिए रेलवे के क्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आई है।
इंदौर-दाहोद रेल परियोजना के तहत टीही से धार के बीच नवनिर्मित रेलखंड पर हाईस्पीड ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा किया गया है। इस ट्रायल के दौरान इलेक्ट्रिक इंजन को 130 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार से दौड़ाया गया।
करीब 47 किलोमीटर लंबे इस रेलखंड पर ट्रैक, विद्युतीकरण और अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं का परीक्षण किया गया। इस दौरान पीथमपुर क्षेत्र में बनी लगभग 3 किलोमीटर लंबी सुरंग से भी इंजन गुजरा।
अब इस रेलखंड पर यात्री ट्रेनों के संचालन की दिशा में अगला महत्वपूर्ण कदम रेलवे सुरक्षा आयुक्त यानी CRS का निरीक्षण और आवश्यक सुरक्षा मंजूरी है।
इस परियोजना के आगे बढ़ने से इंदौर, पीथमपुर और धार क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है। साथ ही, औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर को रेल नेटवर्क से बेहतर जुड़ाव मिलने से परिवहन और आर्थिक गतिविधियों को भी लाभ हो सकता है।
हालांकि, यात्री ट्रेनें कब से शुरू होंगी, इसकी पुष्टि रेलवे की आधिकारिक घोषणा के बाद ही होगी।
फिलहाल, सफल हाईस्पीड ट्रायल को इंदौर-दाहोद रेल परियोजना की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
इंदौर-दाहोद रेल परियोजना के तहत टीही से धार के बीच नवनिर्मित रेलखंड पर हाईस्पीड ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा किया गया है। इस ट्रायल के दौरान इलेक्ट्रिक इंजन को 130 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार से दौड़ाया गया।
करीब 47 किलोमीटर लंबे इस रेलखंड पर ट्रैक, विद्युतीकरण और अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं का परीक्षण किया गया। इस दौरान पीथमपुर क्षेत्र में बनी लगभग 3 किलोमीटर लंबी सुरंग से भी इंजन गुजरा।
अब इस रेलखंड पर यात्री ट्रेनों के संचालन की दिशा में अगला महत्वपूर्ण कदम रेलवे सुरक्षा आयुक्त यानी CRS का निरीक्षण और आवश्यक सुरक्षा मंजूरी है।
इस परियोजना के आगे बढ़ने से इंदौर, पीथमपुर और धार क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है। साथ ही, औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर को रेल नेटवर्क से बेहतर जुड़ाव मिलने से परिवहन और आर्थिक गतिविधियों को भी लाभ हो सकता है।
हालांकि, यात्री ट्रेनें कब से शुरू होंगी, इसकी पुष्टि रेलवे की आधिकारिक घोषणा के बाद ही होगी।
फिलहाल, सफल हाईस्पीड ट्रायल को इंदौर-दाहोद रेल परियोजना की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।