स्थानीय
बिदर में 'अक्का पैडे' ने किया स्कूली बच्चों को सुरक्षा और साइबर अपराधों से बचने की जागरूकता
बिदर जिले के पुलिस अधीक्षक प्रदीप गुंटी के निर्देशन में विशेष महिला पुलिस टीम 'अक्का पैडे' ने खसांपूर स्कूल में छात्राओं और बच्चों को 1098, 112 और 1930 जैसे हेल्पलाइन नंबरों के उपयोग के बारे में जानकारी दी।
बिदर जिले में महिलाओं, बच्चों और छात्रों की सुरक्षा को लेकर विशेष महत्व दिया जा रहा है। जिला पुलिस अधीक्षक प्रदीप गुंटी, आईपीएस के निर्देशन पर गठित विशेष महिला पुलिस टीम 'अक्का पैडे' ने हाल ही में खसांपूर स्कूल का दौरा किया। इस अवसर पर पुलिस अधिकारियों ने स्कूली बच्चों को 'अक्का पैडे' के बारे में विस्तार से जानकारी दी और उन्हें आपात स्थितियों में सहायता हेल्पलाइन नंबर 1098, 112 और साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 के उपयोग के बारे में जागरूक किया गया।
इस जागरूकता अभियान के दौरान पुलिस ने बच्चों को मोबाइल फोन के दुरुपयोग से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में भी बताया गया। इसके अलावा, 'सेफ टच' और 'अनसेफ टच' के बीच के अंतर को समझाया गया और उन्हें सलाह दी गई कि यदि कोई अजनबी व्यक्ति उन्हें किसी भी प्रकार का लालच दिखाता है, तो वे उसकी चाल में न आएं और सावधान रहें।
पुलिस ने बच्चों को याद दिलाया कि 18 वर्ष से कम उम्र के व्यक्ति वाहन नहीं चला सकते हैं। साथ ही, दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनना और कार में सफ्ट बेल्ट का उपयोग करना अनिवार्य है। बच्चों से कहा गया कि वे अपने माता-पिता और पड़ोसियों को भी इन सुरक्षा नियमों के बारे में अवगत कराएं।
पुलिस ने बच्चों और महिलाओं को आश्वासन दिया कि 'अक्का पैडे' की टीम 24x7 उनकी सुरक्षा के लिए उपलब्ध है और उन्हें किसी भी प्रकार का भय महसूस करने की आवश्यकता नहीं है। पुलिस अधीक्षक प्रदीप गुंटी ने 'अक्का पैडे' के अधिकारियों और कर्मचारियों के इस प्रयास की सराहना की, जिन्होंने सकारात्मक माहौल बनाकर समुदाय में सुरक्षा के संदेश को प्रभावी ढंग से पहुंचाया है।
इस जागरूकता अभियान के दौरान पुलिस ने बच्चों को मोबाइल फोन के दुरुपयोग से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में भी बताया गया। इसके अलावा, 'सेफ टच' और 'अनसेफ टच' के बीच के अंतर को समझाया गया और उन्हें सलाह दी गई कि यदि कोई अजनबी व्यक्ति उन्हें किसी भी प्रकार का लालच दिखाता है, तो वे उसकी चाल में न आएं और सावधान रहें।
पुलिस ने बच्चों को याद दिलाया कि 18 वर्ष से कम उम्र के व्यक्ति वाहन नहीं चला सकते हैं। साथ ही, दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनना और कार में सफ्ट बेल्ट का उपयोग करना अनिवार्य है। बच्चों से कहा गया कि वे अपने माता-पिता और पड़ोसियों को भी इन सुरक्षा नियमों के बारे में अवगत कराएं।
पुलिस ने बच्चों और महिलाओं को आश्वासन दिया कि 'अक्का पैडे' की टीम 24x7 उनकी सुरक्षा के लिए उपलब्ध है और उन्हें किसी भी प्रकार का भय महसूस करने की आवश्यकता नहीं है। पुलिस अधीक्षक प्रदीप गुंटी ने 'अक्का पैडे' के अधिकारियों और कर्मचारियों के इस प्रयास की सराहना की, जिन्होंने सकारात्मक माहौल बनाकर समुदाय में सुरक्षा के संदेश को प्रभावी ढंग से पहुंचाया है।