🔥 ट्रेंडिंग हिमाचल हाई कोर्ट ने पशु पालन निदेशक पर... राजस्थान पत्रिका के सेल्स एग्जिक्यूटिव... हिमाचल प्रदेश ने राज्य कर्मचारियों को... जीबीयू छात्रों ने दिल्ली में विनिर्माण... दिल्ली के ग्रेनो में प्रदेश के छोटे बॉ... फरबिसगंज में पहली बार विजयादशमी पर भव्...
23 अक्टू. 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
शिक्षा

बैतूल: पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में 300 से अधिक छात्रों को दिया जागरूकता प्रशिक्षण

✍️ रिपोर्टर: Pranav Gaur 🗓 23 अक्टू. 2026, 07:07 PM 👁 15
शेयर करें: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस बैतूल में 'जन सुरक्षा युवा सृजन संवाद' कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहाँ पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन ने 300 से अधिक छात्र-छात्राओं को कानून, साइबर सुरक्षा और आपदा प्रबंधन पर प्रशिक्षण दिया।

प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, ज. ह. शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय बैतूल एवं मध्य प्रदेश पुलिस जिला बैतूल के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को 'जन सुरक्षा युवा सृजन संवाद' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम की अध्यक्षता पुलिस अधीक्षक श्री वीरेंद्र जैन ने की। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कमलेश खरपुसे, महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. मीनाक्षी चौबे तथा डीएसपी श्री कैलाश बारिया विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को आपराधिक न्याय व्यवस्था, संवैधानिक अधिकारों, नागरिक कर्तव्यों, साइबर सुरक्षा, महिला एवं बाल संरक्षण, सड़क सुरक्षा, नशा मुक्ति, आपदा प्रबंधन तथा मानसिक स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम के अंतर्गत 300 से अधिक छात्र-छात्राओं ने सहभागिता कर विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण प्राप्त किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य डॉ. मीनाक्षी चौबे के स्वागत भाषण से हुआ, जबकि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कमलेश खरपुसे ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए इसके उद्देश्यों एवं उपयोगिता पर प्रकाश डाला। पुलिस अधीक्षक श्री वीरेंद्र जैन ने विद्यार्थियों को विभिन्न प्रकार के अपराधों, उनमें आम नागरिकों के अनजाने में फंसने की परिस्थितियों तथा पुलिस की कार्यप्रणाली के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को कानून के प्रति जागरूक रहने और सतर्क नागरिक बनने का संदेश दिया।

प्रशिक्षण सत्रों में उप निरीक्षक श्रीमती रश्मि ठाकुर ने आपराधिक न्याय व्यवस्था की प्रक्रिया पर प्रकाश डाला, जबकि डॉ. शंकर सातनकर ने संविधान में प्रदत्त मौलिक अधिकारों, मानवाधिकारों, राज्य के नीति-निर्देशक तत्वों तथा मौलिक कर्तव्यों पर चर्चा की। उप निरीक्षक श्री नवीन सोनकर ने साइबर सुरक्षा, डिजिटल जागरूकता और इंटरनेट के जिम्मेदार उपयोग के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। इसके अलावा, प्रो. गोलू परते ने फर्स्ट रिस्पॉन्डर के रूप में पुलिस की भूमिका, आपातकालीन सेवाओं तथा आपदा प्रबंधन के विषय में प्रशिक्षण दिया।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय सेवा योजना, राष्ट्रीय कैडेट कोर, कला संकाय, विज्ञान संकाय एवं वाणिज्य विभाग से 50-50 छात्र-छात्राओं का पूर्व पंजीयन किया गया था। प्रशिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों को सुरक्षित समाज के निर्माण में अपनी भूमिका समझने तथा सामाजिक उत्तरदायित्वों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के पश्चात विद्यार्थियों के लिए पुलिस थाने एवं पुलिस कंट्रोल रूम के भ्रमण का भी प्रावधान रखा गया, जिससे उन्हें पुलिस की कार्यप्रणाली और आपातकालीन व्यवस्थाओं को निकट से समझने का अवसर मिला। मंच संचालन प्रो. संतोष पवार एवं डॉ. निहारिका भावसार ने किया, जबकि आयोजन को सफल बनाने में महाविद्यालय के अनेक प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
📲Get App