बारिश का मौसम न होने के बावजूद सड़क पर फैला नाले का गंदा पानी
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जिला प्रशासन से इस मामले का तुरंत संज्ञान लेने की मांग
बारिश का मौसम न होने के बावजूद अगर सड़क पर घुटने भर नाले का पानी बहने लगे और जनप्रतिनिधि का जवाब मिले कि "बरसात के बाद सब ठीक हो जाएगा", तो इसे प्रशासनिक उपेक्षा की पराकाष्ठा ही कहा जाएगा। ऐसा ही कुछ नजारा पटना जिले के अथमलगोला प्रखंड अंतर्गत बहादुरपुर पंचायत में देखने को मिल रहा है।
पंचायत के वार्ड संख्या-9 स्थित बहादुरपुर स्टेशन रोड को जोड़ने वाला मुख्य ग्रामीण लिंक पथ पिछले कई दिनों से पूरी तरह बदहाल है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार बिना बारिश के भी सड़क पर जलजमाव बना हुआ है। नाले की निकासी व्यवस्था ठप होने के कारण नालियों का गंदा और बदबूदार पानी सीधे सड़क पर बह रहा है।
स्टेशन रोड को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण ग्रामीण पथ से रोजाना सैकड़ों लोग, स्कूली बच्चे और मरीज आवाजाही करते हैं। सड़क पर गंदा पानी जमा रहने से न सिर्फ हादसों का डर बना हुआ है, बल्कि इलाके में डेंगू, मलेरिया और त्वचा संबंधी गंभीर बीमारियों के फैलने की आशंका बढ़ गई है। स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों का पैदल चलना तक दूभर हो चुका है।
समस्या को लेकर जब वार्ड संख्या-9 के प्रतिनिधि दीपक कुमार से बात की गई, तो उनका रुख पूरी तरह उदासीन नजर आया। उन्होंने स्वीकार किया कि ग्रामीणों ने इस समस्या को लेकर कई बार शिकायत की है। हालांकि, जब उनसे जलजमाव के स्थाई समाधान और नाले की सफाई को लेकर ठोस कदम उठाने का सवाल पूछा गया, तो उन्होंने बेहद गैर-जिम्मेदाराना जवाब देते हुए कहा, “बरसात के बाद समस्या खुद ठीक हो जाएगी।”
प्रतिनिधि का यह बयान स्थानीय लोगों के जले पर नमक छिड़कने जैसा है। ग्रामीणों में जनप्रतिनिधियों और प्रखंड प्रशासन की इस अनदेखी को लेकर गहरा आक्रोश है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क से नाले का पानी हटाने और नाली की सफाई का कार्य शुरू नहीं किया गया, तो वे अथमलगोला प्रखंड मुख्यालय के समक्ष प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। स्थानीय लोगों ने पटना जिला प्रशासन से इस मामले का तुरंत संज्ञान लेने की मांग की है।
पंचायत के वार्ड संख्या-9 स्थित बहादुरपुर स्टेशन रोड को जोड़ने वाला मुख्य ग्रामीण लिंक पथ पिछले कई दिनों से पूरी तरह बदहाल है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार बिना बारिश के भी सड़क पर जलजमाव बना हुआ है। नाले की निकासी व्यवस्था ठप होने के कारण नालियों का गंदा और बदबूदार पानी सीधे सड़क पर बह रहा है।
स्टेशन रोड को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण ग्रामीण पथ से रोजाना सैकड़ों लोग, स्कूली बच्चे और मरीज आवाजाही करते हैं। सड़क पर गंदा पानी जमा रहने से न सिर्फ हादसों का डर बना हुआ है, बल्कि इलाके में डेंगू, मलेरिया और त्वचा संबंधी गंभीर बीमारियों के फैलने की आशंका बढ़ गई है। स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों का पैदल चलना तक दूभर हो चुका है।
समस्या को लेकर जब वार्ड संख्या-9 के प्रतिनिधि दीपक कुमार से बात की गई, तो उनका रुख पूरी तरह उदासीन नजर आया। उन्होंने स्वीकार किया कि ग्रामीणों ने इस समस्या को लेकर कई बार शिकायत की है। हालांकि, जब उनसे जलजमाव के स्थाई समाधान और नाले की सफाई को लेकर ठोस कदम उठाने का सवाल पूछा गया, तो उन्होंने बेहद गैर-जिम्मेदाराना जवाब देते हुए कहा, “बरसात के बाद समस्या खुद ठीक हो जाएगी।”
प्रतिनिधि का यह बयान स्थानीय लोगों के जले पर नमक छिड़कने जैसा है। ग्रामीणों में जनप्रतिनिधियों और प्रखंड प्रशासन की इस अनदेखी को लेकर गहरा आक्रोश है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क से नाले का पानी हटाने और नाली की सफाई का कार्य शुरू नहीं किया गया, तो वे अथमलगोला प्रखंड मुख्यालय के समक्ष प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। स्थानीय लोगों ने पटना जिला प्रशासन से इस मामले का तुरंत संज्ञान लेने की मांग की है।