बिरामी में इतिहास रचा कुंवर महिपाल सिंह s/o दिलीप सिंह करनोत ने बहुमत से एकतरफा जीत हासिल की
36 कौम का आशीर्वाद हमेशा बना रहे
*बिरामी में इतिहास रचा - कुंवर महिपाल सिंह S/o दिलीप सिंह करनोत ने भारी बहुमत से एकतरफा जीत दर्ज की*
ब्यूरो रिपोर्ट आबूरोड से संवाददाता चन्दन सिंह राव कारोली आबूरोड सिरोही
ग्राम पंचायत बिरामी में सरपंच चुनाव में कुंवर महिपाल सिंह S/o दिलीप सिंह करनोत ने ऐसी ऐतिहासिक जीत हासिल की है, जिसकी चर्चा पूरे बाली विधानसभा में हो रही है।
*36 कौम ने दिया आशीर्वाद*
गांव की सर्व समाज, छत्तीसों कौम ने एकजुट होकर महिपाल सिंह पर भरोसा जताया। मतदान एकतरफा रहा। स्थिति यह रही कि सामने खड़े सभी प्रत्याशियों की जमानत जप्त हो गई। जनता ने बता दिया कि विकास और भाईचारे के नाम पर वोट क्या होता है।
*लोकप्रियता का ऐसा मंजर - रात 2 बजे तक स्कूल के बाहर जनसैलाब*
महिपाल सिंह की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जब मतगणना चल रही थी, तब पूरा का पूरा गांव, छोटे-छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, रात के 2 बजे तक स्कूल के सामने खड़ा रहा।
जब परिणाम घोषित हुआ और महिपाल सिंह स्कूल से बाहर आए, तो भीड़ इतनी थी कि चलने के लिए जगह नहीं मिल रही थी। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने महिपाल सिंह से कहा कि कृपया पब्लिक को थोड़ा आगे से हटवा दीजिए।
इस पर कुंवर महिपाल सिंह ने हाथ जोड़कर जो कहा, वह पूरे गांव का दिल जीत गया -
> *"मैं नहीं जीता हूँ, यह पूरा गांव जीता है। मैं इन्हें कैसे हटा सकता हूँ। यह मेरी जीत नहीं, मेरे बिरामी परिवार की जीत है।"*
*बधाईयों का तांता*
जीत के बाद गांव में ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाया गया। सभी समाज के गणमान्य लोगों ने महिपाल सिंह जी को माला पहनाकर बधाई दी।
बिरामी की जनता ने साबित कर दिया है कि जब गांव एक होता है, तो जीत भी ऐतिहासिक होती है।
ब्यूरो रिपोर्ट आबूरोड से संवाददाता चन्दन सिंह राव कारोली आबूरोड सिरोही
ग्राम पंचायत बिरामी में सरपंच चुनाव में कुंवर महिपाल सिंह S/o दिलीप सिंह करनोत ने ऐसी ऐतिहासिक जीत हासिल की है, जिसकी चर्चा पूरे बाली विधानसभा में हो रही है।
*36 कौम ने दिया आशीर्वाद*
गांव की सर्व समाज, छत्तीसों कौम ने एकजुट होकर महिपाल सिंह पर भरोसा जताया। मतदान एकतरफा रहा। स्थिति यह रही कि सामने खड़े सभी प्रत्याशियों की जमानत जप्त हो गई। जनता ने बता दिया कि विकास और भाईचारे के नाम पर वोट क्या होता है।
*लोकप्रियता का ऐसा मंजर - रात 2 बजे तक स्कूल के बाहर जनसैलाब*
महिपाल सिंह की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जब मतगणना चल रही थी, तब पूरा का पूरा गांव, छोटे-छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, रात के 2 बजे तक स्कूल के सामने खड़ा रहा।
जब परिणाम घोषित हुआ और महिपाल सिंह स्कूल से बाहर आए, तो भीड़ इतनी थी कि चलने के लिए जगह नहीं मिल रही थी। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने महिपाल सिंह से कहा कि कृपया पब्लिक को थोड़ा आगे से हटवा दीजिए।
इस पर कुंवर महिपाल सिंह ने हाथ जोड़कर जो कहा, वह पूरे गांव का दिल जीत गया -
> *"मैं नहीं जीता हूँ, यह पूरा गांव जीता है। मैं इन्हें कैसे हटा सकता हूँ। यह मेरी जीत नहीं, मेरे बिरामी परिवार की जीत है।"*
*बधाईयों का तांता*
जीत के बाद गांव में ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाया गया। सभी समाज के गणमान्य लोगों ने महिपाल सिंह जी को माला पहनाकर बधाई दी।
बिरामी की जनता ने साबित कर दिया है कि जब गांव एक होता है, तो जीत भी ऐतिहासिक होती है।