📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Parliamentary Affairs
रक्षा
सीमा की उपेक्षा अब नहीं, रक्षा मंत्री रीज़ीु ने अरुणाचल में चीन के दावे पर शीर्ष प्राथमिकता दी
✍️ The New Indian Express
🗓 21 अग. 2026, 07:04 AM
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रक्षा मंत्री किरेन रीज़ीु ने कहा कि चीन के दावे के बाद अब भारत अपनी सीमाओं, विशेषकर अरुणाचल प्रदेश को शीर्ष प्राथमिकता देगा।
नयी दिल्ली के रक्षा मंत्री किरेन रीज़ीु ने चेतावनी दी कि भारत की सीमाओं की दीर्घकालिक उपेक्षा अब समाप्त होगी, और अरुणाचल प्रदेश की सीमा को अब सरकार की "शीर्ष प्राथमिकता" माना गया है। यह बयान चीन के द्वारा भारतीय‑प्रशासन वाले क्षेत्रों में प्रवेश के नए दावों के जवाब में दिया गया।
रीज़ीु ने बताया कि अतीत में सतही रवैये के कारण वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर बुनियादी ढाँचा और निगरानी में खामियां रह गईं। रक्षा मंत्रालय अब इन खामियों को दूर करने के लिये सड़कों का निर्माण, सैनिकों की तैनाती और खुफिया कार्य तेज़ कर रहा है।
हालाँकि मंत्रालय ने विस्तृत संचालन संबंधी जानकारी नहीं दी है, पर वरिष्ठ सैन्य कमांडरों को स्थिति की समीक्षा करने का आदेश दिया गया है और चीन के साथ कूटनीतिक संवाद जारी रख कर विवाद को शांति‑पूर्वक सुलझाने की कोशिश की जा रही है।
यह बयान क्षेत्र में बढ़ती संवेदनशीलता के बीच आया है, जहाँ स्थानीय निवासियों ने सीमा के निकट विदेशी गश्त दलों के दिखने की सूचना दी है। सरकार ने नागरिकों से सतर्क रहने और सुरक्षा एजेंसियों के साथ सहयोग करने का आग्रह किया है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह बदलाव नई दिल्ली की व्यापक रणनीति को दर्शाता है, जिसमें पूर्वी हिमालय में चीन की सक्रियता को रोकने और आगामी चुनावी दौर में उत्तर‑पूर्वी सीमाओं को सुदृढ़ करने की इच्छा शामिल है।
रीज़ीु ने बताया कि अतीत में सतही रवैये के कारण वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर बुनियादी ढाँचा और निगरानी में खामियां रह गईं। रक्षा मंत्रालय अब इन खामियों को दूर करने के लिये सड़कों का निर्माण, सैनिकों की तैनाती और खुफिया कार्य तेज़ कर रहा है।
हालाँकि मंत्रालय ने विस्तृत संचालन संबंधी जानकारी नहीं दी है, पर वरिष्ठ सैन्य कमांडरों को स्थिति की समीक्षा करने का आदेश दिया गया है और चीन के साथ कूटनीतिक संवाद जारी रख कर विवाद को शांति‑पूर्वक सुलझाने की कोशिश की जा रही है।
यह बयान क्षेत्र में बढ़ती संवेदनशीलता के बीच आया है, जहाँ स्थानीय निवासियों ने सीमा के निकट विदेशी गश्त दलों के दिखने की सूचना दी है। सरकार ने नागरिकों से सतर्क रहने और सुरक्षा एजेंसियों के साथ सहयोग करने का आग्रह किया है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह बदलाव नई दिल्ली की व्यापक रणनीति को दर्शाता है, जिसमें पूर्वी हिमालय में चीन की सक्रियता को रोकने और आगामी चुनावी दौर में उत्तर‑पूर्वी सीमाओं को सुदृढ़ करने की इच्छा शामिल है।