📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / A.Savin
अपराध
बॉम्बे हाईकोर्ट ने अरुण फरेरा की गिरफ्तारी को अवैध कहा, दो लाख रुपये मुआवजा दिया
✍️ Amar Ujala · Maharashtra
🗓 31 अक्टू. 2026, 08:32 AM
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बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि अरुण फरेरा की गिरफ्तारी अवैध थी और उन्हें दो लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया।
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि अरुण फरेरा की गिरफ्तारी कानूनी प्रावधानों के अनुसार नहीं थी। न्यायालय ने इस गिरफ्तारी को अवैध ठहराते हुए फरेरा को दो लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया।
इस निर्णय से व्यक्तिगत स्वतंत्रता की रक्षा में न्यायपालिका की भूमिका स्पष्ट होती है और यह दर्शाता है कि जब पुलिस प्रक्रिया का उल्लंघन करती है तो उसे आर्थिक दायित्व उठाना पड़ सकता है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि दो लाख रुपये का मुआवजा फरेरा को हुई असुविधा और प्रतिष्ठा को हुए नुकसान को दर्शाता है। यह फैसला समान मामलों में भविष्य में मार्गदर्शक सिद्ध हो सकता है।
अधिकारियों को मुआवजा शीघ्र भुगतान करने का निर्देश दिया गया है, हालांकि भुगतान की समयसीमा न्यायालय के आदेश में स्पष्ट नहीं की गई है। यदि कोई अपील होगी तो वह सामान्य कानूनी प्रक्रिया के तहत सुनी जाएगी।
इस निर्णय से व्यक्तिगत स्वतंत्रता की रक्षा में न्यायपालिका की भूमिका स्पष्ट होती है और यह दर्शाता है कि जब पुलिस प्रक्रिया का उल्लंघन करती है तो उसे आर्थिक दायित्व उठाना पड़ सकता है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि दो लाख रुपये का मुआवजा फरेरा को हुई असुविधा और प्रतिष्ठा को हुए नुकसान को दर्शाता है। यह फैसला समान मामलों में भविष्य में मार्गदर्शक सिद्ध हो सकता है।
अधिकारियों को मुआवजा शीघ्र भुगतान करने का निर्देश दिया गया है, हालांकि भुगतान की समयसीमा न्यायालय के आदेश में स्पष्ट नहीं की गई है। यदि कोई अपील होगी तो वह सामान्य कानूनी प्रक्रिया के तहत सुनी जाएगी।