📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / A.Savin
राजनीति
बॉम्बे हाई कोर्ट ने सॉफ़्टवेयर त्रुटि से सैंटा क्रूज़ के 6 मतदाताओं के हटाने पर इलेक्शन कमीशन की निंदा की
✍️ The Times of India
🗓 30 सित. 2026, 05:01 PM
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बॉम्बे हाई कोर्ट ने सॉफ़्टवेयर त्रुटि से सैंटा क्रूज़ परिवार के छह मतदाताओं के हटाने पर इलेक्शन कमीशन की निंदा की।
बॉम्बे हाई कोर्ट ने हालिया फैसले में इलेक्शन कमीशन ऑफ़ इंडिया (ECI) के सॉफ़्टवेयर में हुई गड़बड़ी पर कड़ी निंदा की, जिसके कारण मुंबई के सैंटा क्रूज़ इलाके में एक ही परिवार के छह सदस्य वोटर सूची से हट गए। कोर्ट ने बताया कि यह त्रुटि नवीनतम रोल‑अप प्रक्रिया के दौरान उपयोग किए गए डेटा‑प्रोसेसिंग मॉड्यूल की खराबी के कारण हुई।
परिवार ने कोर्ट में राहत की याचिका दायर की, क्योंकि अचानक उनके सभी सदस्य वोटर सूची में नहीं दिखे। हाई कोर्ट ने कहा कि ऐसी चूकें लोकतांत्रिक प्रक्रिया में जनता का भरोसा घटा देती हैं और योग्य नागरिकों को मताधिकार से वंचित कर सकती हैं।
बेंच ने ECI को तुरंत हटाए गए नामों को पुनः स्थापित करने, सॉफ़्टवेयर का व्यापक ऑडिट करने और दो हफ्तों के भीतर अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया। साथ ही, सुधार कार्य के दौरान एक वरिष्ठ अधिकारी की उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई।
इलेक्शन कमीशन ने कोर्ट की चिंताओं को स्वीकार करते हुए कहा कि वह इस घटना की जाँच कर रहा है और भविष्य में ऐसी गड़बड़ी न हो, इसके लिए आवश्यक कदम उठाएगा। अधिकारियों ने बताया कि वोटर सूची की शुद्धता हमेशा प्राथमिकता रहेगी और किसी भी तकनीकी समस्या का शीघ्र समाधान किया जाएगा।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा में न्यायपालिका की भूमिका को रेखांकित करता है और देश भर में वोटर‑लिस्ट प्रबंधन में प्रयुक्त तकनीक की व्यापक समीक्षा को प्रेरित कर सकता है।
परिवार ने कोर्ट में राहत की याचिका दायर की, क्योंकि अचानक उनके सभी सदस्य वोटर सूची में नहीं दिखे। हाई कोर्ट ने कहा कि ऐसी चूकें लोकतांत्रिक प्रक्रिया में जनता का भरोसा घटा देती हैं और योग्य नागरिकों को मताधिकार से वंचित कर सकती हैं।
बेंच ने ECI को तुरंत हटाए गए नामों को पुनः स्थापित करने, सॉफ़्टवेयर का व्यापक ऑडिट करने और दो हफ्तों के भीतर अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया। साथ ही, सुधार कार्य के दौरान एक वरिष्ठ अधिकारी की उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई।
इलेक्शन कमीशन ने कोर्ट की चिंताओं को स्वीकार करते हुए कहा कि वह इस घटना की जाँच कर रहा है और भविष्य में ऐसी गड़बड़ी न हो, इसके लिए आवश्यक कदम उठाएगा। अधिकारियों ने बताया कि वोटर सूची की शुद्धता हमेशा प्राथमिकता रहेगी और किसी भी तकनीकी समस्या का शीघ्र समाधान किया जाएगा।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा में न्यायपालिका की भूमिका को रेखांकित करता है और देश भर में वोटर‑लिस्ट प्रबंधन में प्रयुक्त तकनीक की व्यापक समीक्षा को प्रेरित कर सकता है।