बलिया में 16 वर्षीय किशोरी ने दिखाई हिम्मत, 1098 पर फोन कर रुकवाया अपना बाल विवाह; 11 नवंबर को होनी थी शादी।
जानकारी के अनुसार, किशोरी की शादी 11 नवंबर को सऊदी अरब में काम करने वाले 25 वर्षीय युवक से तय की गई थी। शादी की तैयारियां चल रही थीं और निमंत्रण कार्ड भी बांटे जा चुके थे। इसी बीच किशोरी ने अपनी कम उम्र का हवाला देते हुए हेल्पलाइन पर मदद मांगी।
बलिया। जिले के बैरिया क्षेत्र से बाल विवाह का एक मामला सामने आया है, जहां 16 वर्षीय किशोरी ने खुद चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर फोन कर अपने बाल विवाह की सूचना दी। किशोरी की शिकायत पर महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस और नवभारती नारी विकास समिति की संयुक्त टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए शादी रुकवा दी।
जानकारी के अनुसार, किशोरी की शादी 11 नवंबर को सऊदी अरब में काम करने वाले 25 वर्षीय युवक से तय की गई थी। शादी की तैयारियां चल रही थीं और निमंत्रण कार्ड भी बांटे जा चुके थे। इसी बीच किशोरी ने अपनी कम उम्र का हवाला देते हुए हेल्पलाइन पर मदद मांगी।
सूचना मिलते ही जिला प्रोबेशन अधिकारी डॉ. अमरेन्द्र कुमार पौत्सयायन के निर्देश पर टीम गांव पहुंची और पुलिस के सहयोग से मामले की जांच की। अधिकारियों ने दोनों परिवारों को बाल विवाह निषेध कानून और इसके कानूनी परिणामों की जानकारी दी। समझाइश के बाद दोनों पक्ष शादी रोकने के लिए सहमत हो गए। साथ ही, निर्धारित कानूनी उम्र से पहले विवाह नहीं कराने का शपथ पत्र भी लिया गया।
बताया गया कि किशोरी के पिता दिव्यांग हैं और उन्होंने आर्थिक एवं शारीरिक परिस्थितियों को शादी तय करने की वजह बताया। वहीं, किशोरी की मां एक कारखाने में मजदूरी करती हैं।
नवभारती नारी विकास समिति के निदेशक अजहर अली ने बताया कि संस्था लगातार गांवों और स्कूलों में बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता अभियान चला रही है। किशोरी को अपने अधिकारों की जानकारी थी, इसलिए उसने समय रहते चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 से संपर्क किया।
गौरतलब है कि किशोरी हाईस्कूल तक पढ़ाई कर चुकी है और आगे भी शिक्षा जारी रखना चाहती है। उसकी जागरूकता और साहसिक पहल से एक बाल विवाह रुक गया। यह घटना संदेश देती है कि बच्चों को उनके अधिकारों और सहायता के साधनों की जानकारी देना बेहद जरूरी है।
हेल्पलाइन 1098 पर एक फोन और बाल विवाह पर लग गया विराम!
जानकारी के अनुसार, किशोरी की शादी 11 नवंबर को सऊदी अरब में काम करने वाले 25 वर्षीय युवक से तय की गई थी। शादी की तैयारियां चल रही थीं और निमंत्रण कार्ड भी बांटे जा चुके थे। इसी बीच किशोरी ने अपनी कम उम्र का हवाला देते हुए हेल्पलाइन पर मदद मांगी।
सूचना मिलते ही जिला प्रोबेशन अधिकारी डॉ. अमरेन्द्र कुमार पौत्सयायन के निर्देश पर टीम गांव पहुंची और पुलिस के सहयोग से मामले की जांच की। अधिकारियों ने दोनों परिवारों को बाल विवाह निषेध कानून और इसके कानूनी परिणामों की जानकारी दी। समझाइश के बाद दोनों पक्ष शादी रोकने के लिए सहमत हो गए। साथ ही, निर्धारित कानूनी उम्र से पहले विवाह नहीं कराने का शपथ पत्र भी लिया गया।
बताया गया कि किशोरी के पिता दिव्यांग हैं और उन्होंने आर्थिक एवं शारीरिक परिस्थितियों को शादी तय करने की वजह बताया। वहीं, किशोरी की मां एक कारखाने में मजदूरी करती हैं।
नवभारती नारी विकास समिति के निदेशक अजहर अली ने बताया कि संस्था लगातार गांवों और स्कूलों में बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता अभियान चला रही है। किशोरी को अपने अधिकारों की जानकारी थी, इसलिए उसने समय रहते चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 से संपर्क किया।
गौरतलब है कि किशोरी हाईस्कूल तक पढ़ाई कर चुकी है और आगे भी शिक्षा जारी रखना चाहती है। उसकी जागरूकता और साहसिक पहल से एक बाल विवाह रुक गया। यह घटना संदेश देती है कि बच्चों को उनके अधिकारों और सहायता के साधनों की जानकारी देना बेहद जरूरी है।
हेल्पलाइन 1098 पर एक फोन और बाल विवाह पर लग गया विराम!