स्वास्थ्य
बलिया: जितिया व्रत के दौरान मडुआ की रोटी खाने से 50 से अधिक महिलाएं और बच्चे बीमार
बलिया जिले के बांसडीह विधानसभा क्षेत्र के आसचौरा चौकन गांव में जितिया व्रत के नहाय-खाय के अवसर पर मडुआ की रोटी खाने से 50 से अधिक व्रती महिलाओं और करीब एक दर्जन बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। सभी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बलिया जिले के बांसडीह विधानसभा क्षेत्र के ग्राम सभा छाता के आसचौरा चौकन गांव में जितिया व्रत के दौरान नहाय-खाय के अवसर पर मडुआ के आटे की रोटी खाने से 50 से अधिक व्रती महिलाओं और करीब एक दर्जन बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। पेट दर्द और उल्टी की शिकायत के बाद प्रभावित लोगों को तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन हरकत में आया। जिलाधिकारी से वार्ता कर सभी मरीजों को तत्काल समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की गई। साथ ही, गंभीर रूप से बीमार मरीजों को आवश्यकता पड़ने पर निजी अस्पतालों में भर्ती कराकर बेहतर उपचार सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा मरीजों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
जिला अस्पताल में बीमार मरीजों और उनके परिजनों की भीड़ देखी गई। इस घटना के बाद प्रभावित परिवारों में चिंता का माहौल है। कांग्रेस परिवार ने इस दुखद घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा है कि वे इस कठिन घड़ी में मरीजों और उनके परिजनों के साथ खड़े हैं और हरसंभव सहयोग करेंगे।
फिलहाल, तबीयत बिगड़ने के वास्तविक कारण की पुष्टि चिकित्सकीय जांच और स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन हरकत में आया। जिलाधिकारी से वार्ता कर सभी मरीजों को तत्काल समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की गई। साथ ही, गंभीर रूप से बीमार मरीजों को आवश्यकता पड़ने पर निजी अस्पतालों में भर्ती कराकर बेहतर उपचार सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा मरीजों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
जिला अस्पताल में बीमार मरीजों और उनके परिजनों की भीड़ देखी गई। इस घटना के बाद प्रभावित परिवारों में चिंता का माहौल है। कांग्रेस परिवार ने इस दुखद घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा है कि वे इस कठिन घड़ी में मरीजों और उनके परिजनों के साथ खड़े हैं और हरसंभव सहयोग करेंगे।
फिलहाल, तबीयत बिगड़ने के वास्तविक कारण की पुष्टि चिकित्सकीय जांच और स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।