Agriculture
बकाया गन्ना भुगतान को लेकर बहेड़ी में किसानों का ऐतिहासिक धरना-प्रदर्शन, एकजुटता के साथ गूंजी किसान एकता की हुंकार
बरेली के बहेड़ी में केसर शुगर मिल द्वारा बकाया गन्ना भुगतान की मांग को लेकर किसानों ने बड़ी संख्या में धरना-प्रदर्शन किया। प्रशासन ने किसानों की मांग सुनी, जबकि मिल प्रबंधन की ओर से कोई अधिकारी उपस्थित नहीं हुआ।
बरेली के बहेड़ी में शुक्रवार को नई गन्ना सोसाइटी परिसर में किसानों ने केसर शुगर मिल द्वारा बकाया गन्ना भुगतान की मांग को लेकर एक बड़ा धरना-प्रदर्शन किया। इस ऐतिहासिक प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसानों ने हिस्सा लिया और दीपावली से पहले अपने लंबित भुगतान दिलवाने की जोरदार मांग उठाई। किसानों ने स्पष्ट रूप से कहा कि उन्हें आर्थिक राहत के लिए समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
धरना-प्रदर्शन का संचालन किसान नेता चौधरी विजेन्द्र सिंह एवं इकबाल सिंह चीमा ने किया। इस अवसर पर जिला गन्ना अधिकारी (डीसीओ), उपजिलाधिकारी (एसडीएम), तहसीलदार तथा क्षेत्राधिकारी (सीओ) बहेड़ी मौजूद रहे। हालांकि, धरने के दौरान केसर शुगर मिल प्रबंधन की ओर से कोई भी अधिकारी उपस्थित नहीं हुआ, जिससे किसानों में असंतोष जता।
किसान नेता चौधरी विजेन्द्र सिंह ने धरना-प्रदर्शन को समर्थन देने के लिए तहसील बहेड़ी के समस्त किसानों, व्यापारियों एवं अधिवक्ताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि किसानों की एकजुटता और विभिन्न वर्गों के सहयोग से बकाया भुगतान की मांग को और भी मजबूती मिली है। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि मिल प्रबंधन पर दबाव बनाकर किसानों का भुगतान शीघ्र कराया जाए।
धरना-प्रदर्शन का संचालन किसान नेता चौधरी विजेन्द्र सिंह एवं इकबाल सिंह चीमा ने किया। इस अवसर पर जिला गन्ना अधिकारी (डीसीओ), उपजिलाधिकारी (एसडीएम), तहसीलदार तथा क्षेत्राधिकारी (सीओ) बहेड़ी मौजूद रहे। हालांकि, धरने के दौरान केसर शुगर मिल प्रबंधन की ओर से कोई भी अधिकारी उपस्थित नहीं हुआ, जिससे किसानों में असंतोष जता।
किसान नेता चौधरी विजेन्द्र सिंह ने धरना-प्रदर्शन को समर्थन देने के लिए तहसील बहेड़ी के समस्त किसानों, व्यापारियों एवं अधिवक्ताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि किसानों की एकजुटता और विभिन्न वर्गों के सहयोग से बकाया भुगतान की मांग को और भी मजबूती मिली है। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि मिल प्रबंधन पर दबाव बनाकर किसानों का भुगतान शीघ्र कराया जाए।