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28 सित. 2026•
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बिक्रम के खोरैठा में विद्यालय परिसर से आपत्तिजनक सामान मिलने पर ग्रामीणों में आक्रोश
शिक्षा

बिक्रम के खोरैठा में विद्यालय परिसर से आपत्तिजनक सामान मिलने पर ग्रामीणों में आक्रोश

✍️ रिपोर्टर: Ankit Raj 🗓 29 अग. 2026, 07:48 PM 👁 47
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चारदीवारी और सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल, पेयजल व शौचालय की समस्या को लेकर भी ग्रामीण नाराज

बिक्रम नगर पंचायत के वार्ड संख्या-5 स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय खोरैठा में गुरुवार को विद्यालय परिसर में नशे में प्रयुक्त होने वाली सामग्री, खाली बोतलें और निरोधक समेत कई आपत्तिजनक सामान मिलने के बाद ग्रामीण आक्रोशित हो गए। देखते ही देखते बड़ी संख्या में स्थानीय लोग विद्यालय परिसर में जुट गए और स्कूल प्रशासन के खिलाफ हंगामा किया। ग्रामीणों ने विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था और मूलभूत सुविधाओं को लेकर गंभीर सवाल उठाए।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि विद्यालय की चारदीवारी महज करीब तीन फीट ही ऊंची है। इसके कारण विद्यालय बंद होने के बाद असामाजिक तत्व आसानी से परिसर में प्रवेश कर जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि परिसर में नशाखोरी और जुआबाजी जैसी गतिविधियां होने के साथ-साथ इसे चोरी करने वाले लोगों के लिए भी सुरक्षित ठिकाने के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। लोगों ने विद्यालय के मुख्य द्वार पर नियमित रूप से ताला नहीं लगाए जाने को भी सुरक्षा में बड़ी चूक बताया।

अभिभावकों ने विद्यालय के शौचालय को लेकर भी शिकायत की। उनका कहना है कि छात्रों को वाशरूम का उपयोग करने की अनुमति नहीं दी जाती और उसे शिक्षकों के निजी इस्तेमाल के लिए बंद रखा जाता है। वहीं विद्यालय में पेयजल की स्थिति भी बेहद खराब होने का आरोप लगाया गया। अभिभावकों के अनुसार, बच्चों को पानी पीने के लिए आसपास के घरों पर निर्भर रहना पड़ता है।

ग्रामीणों ने विद्यालय को मिलने वाली वार्षिक विकास राशि के उपयोग पर भी सवाल उठाते हुए पूरे मामले की जांच की मांग की है।

इस संबंध में प्रधानाध्यापक दिनेश कुमार ने बताया कि विद्यालय की समस्याओं से विभागीय अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया जा चुका है। उन्होंने कहा कि विद्यालय में पानी की कमी के कारण मध्याह्न भोजन एनजीओ के माध्यम से बाहर से मंगवाया जा रहा है। मुख्य गेट पर ताला नहीं लगाए जाने के सवाल पर उन्होंने बताया कि विद्यालय परिसर और शिव मंदिर दोनों का एक ही मुख्य द्वार है, जो मंदिर के लिए खुला रखना पड़ता है।

वार्ड पार्षद गायत्री देवी ने विद्यालय में पेयजल की गंभीर समस्या स्वीकार करते हुए बताया कि स्थानीय विधायक को लिखित आवेदन देकर समस्या से अवगत कराया गया है। जल्द ही पेयजल की समस्या का समाधान होने की उम्मीद है। साथ ही असामाजिक तत्वों के प्रवेश पर रोक लगाने के लिए विद्यालय प्रशासन के सहयोग से कमिटी गठित करने की बात कही।

वहीं प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी रविकांत शर्मा ने विद्यालय की स्थिति पर नाराजगी जताई। उन्होंने स्वीकार किया कि विद्यालय बंद होने के बाद असामाजिक तत्व परिसर में जुट जाते हैं। इस संबंध में पुलिस प्रशासन को सूचना देने के साथ आवेदन भी दिया गया है। अधिकारियों के आश्वासन के बावजूद ग्रामीणों ने विद्यालय की सुरक्षा, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं में तत्काल सुधार की मांग की है।
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