Crime
बोकारो ट्रेजरी घोटाले में होमगार्ड जवान सतीश कुमार के खाते में 1.08 करोड़ रुपये ट्रांसफर, सीआईडी ने उजागर किया नया पहलू
सीआईडी की जांच में पता चला कि बोकारो ट्रेजरी से निकाली गई 3.15 करोड़ रुपये में से 1.08 करोड़ रुपये होमगार्ड जवान सतीश कुमार के निजी खाते में जमा हुए और वह 10 प्रतिशत कमीशन लेकर शेष राशि अन्य खातों में भेजता था।
सीआईडी ने बोकारो ट्रेजरी से जुड़े बड़े धन गबन मामले में नया खुलासा किया, जिसमें होमगार्ड जवान सतीश कुमार के निजी खाते में 1.08 करोड़ रुपये जमा हुए, और वह 10 प्रतिशत कमीशन लेकर शेष राशि अन्य खातों में ट्रांसफर करता था।
जांच के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2024‑25 से मार्च 2026 के बीच बोकारो ट्रेजरी से पुलिस सब‑इंस्पेक्टर उपेंद्र सिंह के वेतन मद में कुल 3.15 करोड़ रुपये की अवैध निकासी हुई। यह राशि पहले अन्नू पांडे के बैंक खाते में और फिर बोकारो एसपी कार्यालय के अकाउंटेंट कौशल कुमार पांडे तक पहुँची।
सीआईडी ने बताया कि सतीश कुमार ने इस वित्तीय नेटवर्क में सक्रिय भूमिका निभाई, जहाँ वह सरकारी धन की अवैध निकासी के बाद रकम को आगे भेजता था और बदले में 10 प्रतिशत कमीशन रखता था। इस प्रक्रिया में 1.08 करोड़ रुपये से अधिक राशि उसके निजी खाते में जमा हुई।
अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है और उनके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किए जा चुके हैं। सीआईडी बैंक खातों और लेन‑देनों की कड़ियों की गहन जांच जारी रखे हुए है।
जांच के आगे बढ़ने पर इस घोटाले के व्यापक नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों की भूमिका भी सामने आ सकती है।
जांच के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2024‑25 से मार्च 2026 के बीच बोकारो ट्रेजरी से पुलिस सब‑इंस्पेक्टर उपेंद्र सिंह के वेतन मद में कुल 3.15 करोड़ रुपये की अवैध निकासी हुई। यह राशि पहले अन्नू पांडे के बैंक खाते में और फिर बोकारो एसपी कार्यालय के अकाउंटेंट कौशल कुमार पांडे तक पहुँची।
सीआईडी ने बताया कि सतीश कुमार ने इस वित्तीय नेटवर्क में सक्रिय भूमिका निभाई, जहाँ वह सरकारी धन की अवैध निकासी के बाद रकम को आगे भेजता था और बदले में 10 प्रतिशत कमीशन रखता था। इस प्रक्रिया में 1.08 करोड़ रुपये से अधिक राशि उसके निजी खाते में जमा हुई।
अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है और उनके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किए जा चुके हैं। सीआईडी बैंक खातों और लेन‑देनों की कड़ियों की गहन जांच जारी रखे हुए है।
जांच के आगे बढ़ने पर इस घोटाले के व्यापक नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों की भूमिका भी सामने आ सकती है।