Politics
बीकानेर: संत सरजूदास महाराज की भाजपा प्रदेश अध्यक्ष से मुलाकात, चुनाव लड़ने की अटकलें तेज
बीकानेर के रामस्नेही रामद्वारा डेलाशधाम, गंगाशहर-सुजानदेसर के पीठाधीश्वर संत सरजूदास महाराज ने जयपुर में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद महाराज के चुनाव लड़ने की अटकलें फिर से तेज हो गई हैं।
बीकानेर से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहाँ रामस्नेही रामद्वारा डेलाशधाम, गंगाशहर-सुजानदेसर के पीठाधीश्वर संत सरजूदास महाराज ने भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ से मुलाकात की। यह महत्वपूर्ण बैठक जयपुर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में संपन्न हुई, जिसमें भाजपा के प्रदेश सह-संयोजक अविनाश जोशी भी मौजूद रहे।
संत सरजूदास महाराज पिछले काफी समय से बीकानेर में सक्रिय हैं। विशेष रूप से 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान और राष्ट्रीय संत की उपाधि मिलने के बाद उनकी सक्रियता और बढ़ी है। ऐसा कहा जाता है कि 2023 के विधानसभा चुनाव में बीकानेर पश्चिम से विधायक जेठानंद व्यास को जिताने में महाराज की अहम भूमिका रही थी। स्थानीय निकाय चुनावों में भी उन्होंने कई लोगों की पैरवी की, जिसके बाद से यह आम चर्चा है कि महाराज स्वयं भी चुनाव लड़ सकते हैं।
हाल ही में संत सरजूदास महाराज रविंद्र सिंह भाटी के ईडब्ल्यूएस सरलीकरण के मंच पर भी दिखाई दिए थे। शहर में यह भी चर्चा है कि भाजपा नेता अविनाश जोशी भी महाराज के सहारे अपनी राजनीतिक नैया पार लगाने की उम्मीद कर रहे हैं, क्योंकि जोशी पिछले लंबे समय से बीकानेर की राजनीति में स्थापित होने का प्रयास कर रहे हैं।
हालांकि, यह देखना बाकी है कि आने वाले समय में संत सरजूदास महाराज स्वयं चुनाव लड़ेंगे या नहीं। यह भी भविष्य के गर्भ में है कि वे विधानसभा और लोकसभा चुनावों में किसकी सिफारिश करेंगे।
संत सरजूदास महाराज पिछले काफी समय से बीकानेर में सक्रिय हैं। विशेष रूप से 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान और राष्ट्रीय संत की उपाधि मिलने के बाद उनकी सक्रियता और बढ़ी है। ऐसा कहा जाता है कि 2023 के विधानसभा चुनाव में बीकानेर पश्चिम से विधायक जेठानंद व्यास को जिताने में महाराज की अहम भूमिका रही थी। स्थानीय निकाय चुनावों में भी उन्होंने कई लोगों की पैरवी की, जिसके बाद से यह आम चर्चा है कि महाराज स्वयं भी चुनाव लड़ सकते हैं।
हाल ही में संत सरजूदास महाराज रविंद्र सिंह भाटी के ईडब्ल्यूएस सरलीकरण के मंच पर भी दिखाई दिए थे। शहर में यह भी चर्चा है कि भाजपा नेता अविनाश जोशी भी महाराज के सहारे अपनी राजनीतिक नैया पार लगाने की उम्मीद कर रहे हैं, क्योंकि जोशी पिछले लंबे समय से बीकानेर की राजनीति में स्थापित होने का प्रयास कर रहे हैं।
हालांकि, यह देखना बाकी है कि आने वाले समय में संत सरजूदास महाराज स्वयं चुनाव लड़ेंगे या नहीं। यह भी भविष्य के गर्भ में है कि वे विधानसभा और लोकसभा चुनावों में किसकी सिफारिश करेंगे।