बकलेहटा गांव में बिजली संकट से सूख रही धान की फसल, किसानों में भारी आक्रोश किसानो का कहना लाइट नहीं आने का कारण नरेंद्र मोदी
कटनी जिले की ग्राम पंचायत बकलेहटा में बिजली संकट से सूख रही धान की फसल, किसानों में भारी आक्रोश किसानी का कहना लाइट न आने का कारण नरेंद्र मोदी
दिनभर में महज 2 से 3 घंटे मिल रही बिजली, बिल जमा करने के बाद भी सिंचाई के लिए परेशान किसान; विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर प्रश्न खड़े कर रहे है कि बिजली का बिल जमा करने के बावजूद उन्हें जरूरत के अनुसार बिजली नहीं मिल पा रही है। किसानों को उम्मीद रहती है कि समय पर बिजली मिलने से वे अपनी फसल की सिंचाई कर सकेंगे, लेकिन कम समय तक बिजली मिलने के कारण उनकी उम्मीदों पर पानी फिरता नजर आ रहा है।
किसानों का सवाल है कि जब उपभोक्ता नियमित रूप से बिजली बिल जमा कर रहे हैं, तो फिर कृषि कार्यों के लिए पर्याप्त बिजली क्यों नहीं उपलब्ध कराई जा रही है? आखिर किसान अपनी मेहनत से तैयार हो रही फसल को बचाने के लिए किसके सामने गुहार लगाएं?
विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल
गांव में बिजली की कथित अनियमित आपूर्ति को लेकर विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। किसानों की परेशानी यह है कि खेती के महत्वपूर्ण समय में बिजली की कमी उनके लिए बड़ी मुसीबत बन गई है। धान की फसल को समय पर पानी नहीं मिला, तो इसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ सकता है। इससे किसानों की पूरे साल की मेहनत और खेती में लगाया गया पैसा जोखिम में पड़ सकता है।
किसानों की मांग है कि विद्युत विभाग के जिम्मेदार अधिकारी गांव में बिजली आपूर्ति की स्थिति की जांच करें और कृषि कार्यों के लिए निर्धारित समय के अनुसार पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराएं, ताकि खेतों की सिंचाई सुचारु रूप से हो सके।
समय रहते नहीं हुआ सुधार तो बढ़ सकता है नुकसान
बकलेहटा गांव में बिजली की समस्या ने किसानों के सामने गंभीर चुनौती खड़ी कर दी है। एक तरफ धान की फसल को बचाने की चिंता है, तो दूसरी तरफ बिजली की कमी के कारण सिंचाई नहीं हो पा रही है। ऐसे में किसानों को अब विद्युत विभाग के अधिकारियों से राहत की उम्मीद है।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या विद्युत विभाग किसानों की इस समस्या को गंभीरता से लेकर बिजली आपूर्ति में सुधार करेगा, या फिर किसान अपनी आंखों के सामने पानी के अभाव में धान की फसल को सूखते देखने के लिए मजबूर रहेंगे? किसानों की मांग है कि जल्द से जल्द समस्या का समाधान किया जाए, जिससे उनकी फसल बच सके और उन्हें आर्थिक नुकसान से राहत मिल सके।
रिपोर्ट: मनमोहन कुशवाहा
दिनभर में महज 2 से 3 घंटे मिल रही बिजली, बिल जमा करने के बाद भी सिंचाई के लिए परेशान किसान; विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर प्रश्न खड़े कर रहे है कि बिजली का बिल जमा करने के बावजूद उन्हें जरूरत के अनुसार बिजली नहीं मिल पा रही है। किसानों को उम्मीद रहती है कि समय पर बिजली मिलने से वे अपनी फसल की सिंचाई कर सकेंगे, लेकिन कम समय तक बिजली मिलने के कारण उनकी उम्मीदों पर पानी फिरता नजर आ रहा है।
किसानों का सवाल है कि जब उपभोक्ता नियमित रूप से बिजली बिल जमा कर रहे हैं, तो फिर कृषि कार्यों के लिए पर्याप्त बिजली क्यों नहीं उपलब्ध कराई जा रही है? आखिर किसान अपनी मेहनत से तैयार हो रही फसल को बचाने के लिए किसके सामने गुहार लगाएं?
विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल
गांव में बिजली की कथित अनियमित आपूर्ति को लेकर विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। किसानों की परेशानी यह है कि खेती के महत्वपूर्ण समय में बिजली की कमी उनके लिए बड़ी मुसीबत बन गई है। धान की फसल को समय पर पानी नहीं मिला, तो इसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ सकता है। इससे किसानों की पूरे साल की मेहनत और खेती में लगाया गया पैसा जोखिम में पड़ सकता है।
किसानों की मांग है कि विद्युत विभाग के जिम्मेदार अधिकारी गांव में बिजली आपूर्ति की स्थिति की जांच करें और कृषि कार्यों के लिए निर्धारित समय के अनुसार पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराएं, ताकि खेतों की सिंचाई सुचारु रूप से हो सके।
समय रहते नहीं हुआ सुधार तो बढ़ सकता है नुकसान
बकलेहटा गांव में बिजली की समस्या ने किसानों के सामने गंभीर चुनौती खड़ी कर दी है। एक तरफ धान की फसल को बचाने की चिंता है, तो दूसरी तरफ बिजली की कमी के कारण सिंचाई नहीं हो पा रही है। ऐसे में किसानों को अब विद्युत विभाग के अधिकारियों से राहत की उम्मीद है।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या विद्युत विभाग किसानों की इस समस्या को गंभीरता से लेकर बिजली आपूर्ति में सुधार करेगा, या फिर किसान अपनी आंखों के सामने पानी के अभाव में धान की फसल को सूखते देखने के लिए मजबूर रहेंगे? किसानों की मांग है कि जल्द से जल्द समस्या का समाधान किया जाए, जिससे उनकी फसल बच सके और उन्हें आर्थिक नुकसान से राहत मिल सके।
रिपोर्ट: मनमोहन कुशवाहा