📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Mukesh.kfc
राजनीति
राजस्थान पंचायत चुनाव से पहले भाजपा ने 3 लाख कार्यकर्ताओं को भेजने की तैयारी की
✍️ Amar Ujala · Rajasthan
🗓 06 अक्टू. 2026, 08:00 AM
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भाजपा ने राजस्थान में पंचायत चुनाव के लिए 3 लाख कार्यकर्ताओं को गांवों में भेजने की योजना बनाई है, जबकि कांग्रेस भी जमीनी स्तर पर अपनी तैयारी तेज कर रही है।
राजस्थान में आगामी पंचायत चुनाव ग्रामीण विकास और कल्याण योजनाओं के प्रबंधन के लिए स्थानीय निकायों की शक्ति निर्धारित करेंगे। ये चुनाव राज्य‑स्तरीय पार्टियों के लिए बड़े चुनावी परिदृश्य से पहले एक महत्वपूर्ण परीक्षा हैं।
भाजपा ने इस संदर्भ में लगभग तीन लाख कार्यकर्ताओं को गांवों में तैनात करने की योजना घोषित की है। इस कदम का उद्देश्य बूथ‑स्तर की संगठनात्मक ताकत को बढ़ाना, मतदान प्रक्रिया की निगरानी करना और अपने उम्मीदवारों के लिए समर्थन जुटाना है।
इसी दौरान कांग्रेस भी अपनी जमीनी मोर्चा को सुदृढ़ करने में जुटी है। पार्टी ने संगठनात्मक नेटवर्क को मजबूत करने, उम्मीदवारों की सूची को अंतिम रूप देने और स्थानीय मुद्दों को उजागर करने पर ध्यान केंद्रित किया है, जिससे ग्रामीण मतदाताओं को आकर्षित किया जा सके।
विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा की इस बड़े पैमाने की कार्यकर्ता तैनाती से ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिस्पर्धा तीव्र हो सकती है, जबकि कांग्रेस की जमीनी पहल मतों में अंतर को कम कर सकती है। दोनों दलों का लक्ष्य है कि मजबूत गांव‑स्तर की उपस्थिति के माध्यम से पंचायत चुनाव में जीत हासिल की जाए।
भाजपा ने इस संदर्भ में लगभग तीन लाख कार्यकर्ताओं को गांवों में तैनात करने की योजना घोषित की है। इस कदम का उद्देश्य बूथ‑स्तर की संगठनात्मक ताकत को बढ़ाना, मतदान प्रक्रिया की निगरानी करना और अपने उम्मीदवारों के लिए समर्थन जुटाना है।
इसी दौरान कांग्रेस भी अपनी जमीनी मोर्चा को सुदृढ़ करने में जुटी है। पार्टी ने संगठनात्मक नेटवर्क को मजबूत करने, उम्मीदवारों की सूची को अंतिम रूप देने और स्थानीय मुद्दों को उजागर करने पर ध्यान केंद्रित किया है, जिससे ग्रामीण मतदाताओं को आकर्षित किया जा सके।
विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा की इस बड़े पैमाने की कार्यकर्ता तैनाती से ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिस्पर्धा तीव्र हो सकती है, जबकि कांग्रेस की जमीनी पहल मतों में अंतर को कम कर सकती है। दोनों दलों का लक्ष्य है कि मजबूत गांव‑स्तर की उपस्थिति के माध्यम से पंचायत चुनाव में जीत हासिल की जाए।