📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Harsh Jain
राजनीति
इंदौर विधानसभा-1 में नशे के कारोबार पर सख्त कार्रवाई हेतु बीजेपी नेताओं ने किया मोर्चा
✍️ Amar Ujala · Indore
🗓 08 अक्टू. 2026, 07:45 PM
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इंदौर विधानसभा-1 के बीजेपी नेताओं ने डीसीपी को ज्ञापन सौंपते हुए बढ़ते नशे के कारोबार पर सख्त कार्रवाई की मांग की। सत्यनारायण सत्तन और मनोज मिश्रा ने बड़े नेटवर्क को नष्ट करने और निगरानी बढ़ाने का आह्वान किया।
इंदौर के जिला राजपत्रकार को इंदौर विधानसभा-1 के कई बीजेपी नेताओं द्वारा नशे के बढ़ते अवैध कारोबार पर सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए ज्ञापन प्राप्त हुआ। ज्ञापन पर सत्यनारायण सत्तन और मनोज मिश्रा जैसे प्रमुख स्थानीय नेताओं के हस्ताक्षर थे, जिसमें अवैध शराब उत्पादन और वितरण के बड़े नेटवर्क को पहचानने और नष्ट करने की तात्कालिकता पर बल दिया गया।
इस ज्ञापन में बड़े नेटवर्क को पहचानने और नष्ट करने के लिए व्यापक जांच की माँग की गई है, साथ ही शराब की दुकानों की नियमित जाँच और पुलिस की उपस्थिति बढ़ाने के लिए सख्त निगरानी तंत्र लागू करने का आग्रह किया गया है।
बीजेपी नेताओं का कहना है कि अवैध शराब व्यापार न केवल स्वास्थ्य जोखिम पैदा करता है, बल्कि अपराध को भी बढ़ावा देता है और वैध व्यवसायों को नुकसान पहुँचाता है। वे कानून प्रवर्तन एजेंसियों से आग्रह करते हैं कि वे नागरिकों की सुरक्षा और कानून के पालन के लिए त्वरित और निर्णायक कदम उठाएँ।
यह माँग क्षेत्र में अवैध शराब की सुरक्षा और वैधता के प्रति बढ़ती सार्वजनिक चिंता को दर्शाती है, और स्थानीय अधिकारियों पर दबाव डालती है कि वे नागरिकों की सुरक्षा और कानून के पालन के लिए शीघ्र कार्रवाई करें।
इस ज्ञापन में बड़े नेटवर्क को पहचानने और नष्ट करने के लिए व्यापक जांच की माँग की गई है, साथ ही शराब की दुकानों की नियमित जाँच और पुलिस की उपस्थिति बढ़ाने के लिए सख्त निगरानी तंत्र लागू करने का आग्रह किया गया है।
बीजेपी नेताओं का कहना है कि अवैध शराब व्यापार न केवल स्वास्थ्य जोखिम पैदा करता है, बल्कि अपराध को भी बढ़ावा देता है और वैध व्यवसायों को नुकसान पहुँचाता है। वे कानून प्रवर्तन एजेंसियों से आग्रह करते हैं कि वे नागरिकों की सुरक्षा और कानून के पालन के लिए त्वरित और निर्णायक कदम उठाएँ।
यह माँग क्षेत्र में अवैध शराब की सुरक्षा और वैधता के प्रति बढ़ती सार्वजनिक चिंता को दर्शाती है, और स्थानीय अधिकारियों पर दबाव डालती है कि वे नागरिकों की सुरक्षा और कानून के पालन के लिए शीघ्र कार्रवाई करें।