📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / NI 3003
राजनीति
संजय कुमार झा ने फरक्का जल संधि के नवीनीकरण का विरोध किया
✍️ Amar Ujala · Darbhanga
🗓 08 सित. 2026, 08:40 AM
👁 29
जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा ने भारत‑बांग्लादेश फरक्का जल संधि को 2026 में समाप्त होने पर नवीनीकृत न करने की मांग की, 50 साल के भविष्य को देखते हुए।
जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा ने भारत‑बांग्लादेश के बीच 1996 में हस्ताक्षरित फरक्का जल संधि के नवीनीकरण के विरुद्ध सार्वजनिक रूप से आग्रह किया। यह संधि दिसंबर 2026 में समाप्त होगी, और झा ने दरभंगा में मीडिया से बात करते हुए कहा कि भविष्य के पाँच दशक को ध्यान में रखकर ही कोई निर्णय लेना चाहिए।
झा का कहना है कि मौजूदा समझौता दोनों देशों की बदलती जल‑संसाधन आवश्यकताओं को पर्याप्त रूप से नहीं दर्शाता। उन्होंने नीति निर्माताओं से अनुरोध किया कि भारत के हितों की रक्षा और सतत जल प्रबंधन को सुनिश्चित करने के लिए एक नई समीक्षा की जानी चाहिए।
फरक्का संधि, जो गंगा‑फरक्का बाँध के जल प्रवाह को बांग्लादेश में नियंत्रित करती है, हमेशा कूटनीतिक चर्चा का विषय रही है। समाप्ति की निकटता को देखते हुए, झा का यह बयान केंद्र सरकार पर नवीनीकरण शर्तों को पुनः विचार करने का दबाव बनाता है।
झा का कहना है कि मौजूदा समझौता दोनों देशों की बदलती जल‑संसाधन आवश्यकताओं को पर्याप्त रूप से नहीं दर्शाता। उन्होंने नीति निर्माताओं से अनुरोध किया कि भारत के हितों की रक्षा और सतत जल प्रबंधन को सुनिश्चित करने के लिए एक नई समीक्षा की जानी चाहिए।
फरक्का संधि, जो गंगा‑फरक्का बाँध के जल प्रवाह को बांग्लादेश में नियंत्रित करती है, हमेशा कूटनीतिक चर्चा का विषय रही है। समाप्ति की निकटता को देखते हुए, झा का यह बयान केंद्र सरकार पर नवीनीकरण शर्तों को पुनः विचार करने का दबाव बनाता है।