📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Anil Kaushik
राजनीति
खार्जे के 'बाप' बयान पर बीजेपी ने जारी किया 'मोदी कहीं नहीं जाएगा' गाना
✍️ The Tribune
🗓 29 अक्टू. 2026, 04:33 AM
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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खार्जे के हालिया बयानों को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के जवाब में बीजेपी ने 'मोदी कहीं नहीं जाएगा' नामक नया गाना जारी किया है।
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने राजनीतिक बहस में शामिल होकर 'मोदी कहीं नहीं जाएगा' शीर्षक वाला एक प्रोमोशनल गाना जारी किया है। यह कदम उस समय उठाया गया है जब पार्टी डिजिटल मीडिया के माध्यम से विपक्षी नैरटिव का खंडन करने और जनता से जुड़ने के लिए सक्रिय रूप से प्रयास कर रही है।
इस गाने का रिलीज कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खार्जे द्वारा किए गए टिप्पणियों से जुड़ी हालिया विवाद से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है। खार्जे के 'बाप' शब्द का प्रयोग करते हुए किए गए बयानों ने राजनीतिक गलियारों में बड़ी प्रतिक्रिया को जन्म दिया था, जिसके परिणामस्वरूप दोनों बड़ी पार्टियों के बीच तकरार बढ़ गई थी।
बीजेपी ने इस ट्रैक के लिए एक आकर्षक और दृढ़ शीर्षक चुनकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्थायी राजनीतिक उपस्थिति और स्थिरता की कथा को मजबूत करने का प्रयास किया है। यह गाना इस अवधि में पार्टी की आधारशिला को सक्रिय करने और जनमत को आकार देने के लिए एक रणनीतिक संचार माध्यम के रूप में कार्य करता है।
यह घटना आधुनिक भारतीय राजनीतिक अभियानों में संगीत और डिजिटल सामग्री की बढ़ती भूमिका को उजागर करता है, जहाँ पार्टियाँ विरोधियों का जवाब देने और वोटर्स के साथ अधिक प्रभावी ढंग से जुड़ने के लिए अक्सर रचनात्मक मीडिया का उपयोग करती हैं।
इस गाने का रिलीज कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खार्जे द्वारा किए गए टिप्पणियों से जुड़ी हालिया विवाद से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है। खार्जे के 'बाप' शब्द का प्रयोग करते हुए किए गए बयानों ने राजनीतिक गलियारों में बड़ी प्रतिक्रिया को जन्म दिया था, जिसके परिणामस्वरूप दोनों बड़ी पार्टियों के बीच तकरार बढ़ गई थी।
बीजेपी ने इस ट्रैक के लिए एक आकर्षक और दृढ़ शीर्षक चुनकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्थायी राजनीतिक उपस्थिति और स्थिरता की कथा को मजबूत करने का प्रयास किया है। यह गाना इस अवधि में पार्टी की आधारशिला को सक्रिय करने और जनमत को आकार देने के लिए एक रणनीतिक संचार माध्यम के रूप में कार्य करता है।
यह घटना आधुनिक भारतीय राजनीतिक अभियानों में संगीत और डिजिटल सामग्री की बढ़ती भूमिका को उजागर करता है, जहाँ पार्टियाँ विरोधियों का जवाब देने और वोटर्स के साथ अधिक प्रभावी ढंग से जुड़ने के लिए अक्सर रचनात्मक मीडिया का उपयोग करती हैं।