📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Asolanki43
राजनीति
बीएपी ने दक्षिणी राजस्थान के ट्राइबल बेल्ट में बढ़ाया दायरा, कांग्रेस के गढ़ पर चुनौती
✍️ Amar Ujala · Jaipur
🗓 05 सित. 2026, 05:32 PM
👁 43
राजस्थान के निकाय चुनाव में बीएपी ने ट्राइबल बेल्ट में अपना दायरा बढ़ाया, कांग्रेस के गढ़ पर चुनौती देते हुए तीन गुना उम्मीदवार जुटाए।
बीएपी ने दक्षिणी राजस्थान के ट्राइबल बेल्ट में अपने उम्मीदवारों की संख्या को तीन गुना बढ़ा दिया है, जो कि निकाय चुनावों के लिए तैयार हो रहा है। यह कदम कांग्रेस के पारंपरिक गढ़ पर चुनौती देने के उद्देश्य से उठाया गया है।
इस क्षेत्र में बीएपी का यह विस्तार स्थानीय मुद्दों जैसे भूमि अधिकार, बुनियादी ढाँचा और सामाजिक कल्याण पर केंद्रित है, जिससे ट्राइबल समुदायों के साथ बेहतर संवाद स्थापित किया जा सके।
राजनीति विश्लेषकों का मानना है कि उम्मीदवारों की इस बढ़ोतरी से कांग्रेस का आधार कमजोर पड़ सकता है, जिससे राज्य के स्थानीय शासन में शक्ति संतुलन बदल सकता है।
बीएपी के नेतृत्व ने ट्राइबल क्षेत्र में जमीनी स्तर पर पहुँच और समुदाय के साथ विश्वास बनाने पर जोर दिया है, ताकि प्रभावी शासन का प्रदर्शन किया जा सके।
चुनाव के दिन के करीब आते ही दोनों दल अपनी अभियान गतिविधियाँ तेज कर रहे हैं। बीएपी की यह आक्रामक रणनीति राजस्थान के ट्राइबल क्षेत्रों में कांग्रेस के लंबे समय से चले आ रहे प्रभुत्व को चुनौती देने के लिए एक स्पष्ट संकेत है।
इस क्षेत्र में बीएपी का यह विस्तार स्थानीय मुद्दों जैसे भूमि अधिकार, बुनियादी ढाँचा और सामाजिक कल्याण पर केंद्रित है, जिससे ट्राइबल समुदायों के साथ बेहतर संवाद स्थापित किया जा सके।
राजनीति विश्लेषकों का मानना है कि उम्मीदवारों की इस बढ़ोतरी से कांग्रेस का आधार कमजोर पड़ सकता है, जिससे राज्य के स्थानीय शासन में शक्ति संतुलन बदल सकता है।
बीएपी के नेतृत्व ने ट्राइबल क्षेत्र में जमीनी स्तर पर पहुँच और समुदाय के साथ विश्वास बनाने पर जोर दिया है, ताकि प्रभावी शासन का प्रदर्शन किया जा सके।
चुनाव के दिन के करीब आते ही दोनों दल अपनी अभियान गतिविधियाँ तेज कर रहे हैं। बीएपी की यह आक्रामक रणनीति राजस्थान के ट्राइबल क्षेत्रों में कांग्रेस के लंबे समय से चले आ रहे प्रभुत्व को चुनौती देने के लिए एक स्पष्ट संकेत है।