📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / UnpetitproleX
राजनीति
बीजेपी ने जम्मू-कश्मीर के स्पीकर को हटाने की मांग की, राज्यत्व बिल पर विधानसभा में रुकस
✍️ Kashmir Indepth
🗓 28 सित. 2026, 02:37 PM
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बीजेपी ने जम्मू-कश्मीर विधानसभा में राज्यत्व बिल पारित होने के बाद स्पीकर को हटाने की मांग की, जिससे सांसदों के बीच तीव्र विवाद हुआ।
बीजेपी ने जम्मू-कश्मीर विधानसभा में राज्यत्व बिल पारित होने के बाद स्पीकर को हटाने की मांग की, जिससे सांसदों के बीच तीव्र विवाद हुआ।
इस विवाद के दौरान, बीजेपी के सांसदों ने स्पीकर के इस्तीफे की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि वह बहुमत वाली सरकार के पक्ष में पक्षपाती हैं। स्पीकर, जो विधानसभा के प्रमुख हैं, इस दौरान उपस्थित नहीं थे और बहस के दौरान कार्यवाही में रुकावट आई।
इस घटना ने क्षेत्र में राजनीतिक तनाव को बढ़ा दिया है, और बीजेपी के नेताओं ने स्पीकर के आचरण और राज्यत्व बिल के प्रबंधन पर औपचारिक जांच की मांग की है। पार्टी ने यह पुनः स्पष्ट किया है कि यह बिल संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन करता है और राज्य की स्वायत्तता को कम करने की दिशा में एक कदम है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद आगे कानूनी चुनौतियों को जन्म दे सकता है और जम्मू-कश्मीर की राजनीतिक स्थिरता पर असर डाल सकता है, क्योंकि यह राज्य अपनी विशेष स्थिति को पुनः स्थापित करने की कोशिश कर रहा है।
विधानसभा अगले सप्ताह इस विवाद को सुलझाने और स्पीकर के भविष्य का निर्णय लेने के लिए पुनः मिलेंगी।
इस विवाद के दौरान, बीजेपी के सांसदों ने स्पीकर के इस्तीफे की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि वह बहुमत वाली सरकार के पक्ष में पक्षपाती हैं। स्पीकर, जो विधानसभा के प्रमुख हैं, इस दौरान उपस्थित नहीं थे और बहस के दौरान कार्यवाही में रुकावट आई।
इस घटना ने क्षेत्र में राजनीतिक तनाव को बढ़ा दिया है, और बीजेपी के नेताओं ने स्पीकर के आचरण और राज्यत्व बिल के प्रबंधन पर औपचारिक जांच की मांग की है। पार्टी ने यह पुनः स्पष्ट किया है कि यह बिल संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन करता है और राज्य की स्वायत्तता को कम करने की दिशा में एक कदम है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद आगे कानूनी चुनौतियों को जन्म दे सकता है और जम्मू-कश्मीर की राजनीतिक स्थिरता पर असर डाल सकता है, क्योंकि यह राज्य अपनी विशेष स्थिति को पुनः स्थापित करने की कोशिश कर रहा है।
विधानसभा अगले सप्ताह इस विवाद को सुलझाने और स्पीकर के भविष्य का निर्णय लेने के लिए पुनः मिलेंगी।