📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / মৌচুমী
जीवनशैली
बिरिना पाठक ने अपनी विरासत को सम्मानित करने और असमी संस्कृति को विश्व स्तर पर ले जाने का संकल्प जताया
✍️ Indulge Express
🗓 30 अग. 2026, 10:33 PM
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बिरिना पाठक ने अपनी विरासत को संजोने और असमी सांस्कृतिक धरोहर को अंतरराष्ट्रीय मंच पर ले जाने की अपनी प्रतिबद्धता पर ज़ोर दिया।
बिरिना पाठक, जो सांस्कृतिक क्षेत्र में सक्रिय हैं, ने अपनी व्यक्तिगत विरासत को संरक्षित करने के साथ‑साथ असम की समृद्ध परम्पराओं को विश्व मंच पर ले जाने के महत्व पर प्रकाश डाला। इंडल्ज़ एक्सप्रेस के साथ एक साक्षात्कार में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक असम की कला, संगीत और शिल्प को पहुँचाने के लिए रणनीतिक सहयोग और आउटरीच की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय गैलरी, सांस्कृतिक महोत्सव और डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के साथ साझेदारी करके असम की अनूठी धरोहर को प्रदर्शित करने की योजना बताई। पाठक का मानना है कि ऐसे कदम न केवल राज्य की सांस्कृतिक पहचान को ऊँचा उठाएँगे, बल्कि स्थानीय कारीगरों के लिए आर्थिक अवसर भी सृजित करेंगे।
अपनी विरासत को सम्मानित करने के इस संकल्प को व्यापक रूप से क्षेत्रीय सांस्कृतिक संरक्षकों की एक प्रवृत्ति के रूप में देखा जा रहा है, जो तेज़ी से बदलते समय में मूल परम्पराओं को सुरक्षित रखने का प्रयास कर रहे हैं। असम को वैश्विक सांस्कृतिक संवाद में एक जीवंत योगदानकर्ता बनाने की उनकी दृष्टि इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय गैलरी, सांस्कृतिक महोत्सव और डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के साथ साझेदारी करके असम की अनूठी धरोहर को प्रदर्शित करने की योजना बताई। पाठक का मानना है कि ऐसे कदम न केवल राज्य की सांस्कृतिक पहचान को ऊँचा उठाएँगे, बल्कि स्थानीय कारीगरों के लिए आर्थिक अवसर भी सृजित करेंगे।
अपनी विरासत को सम्मानित करने के इस संकल्प को व्यापक रूप से क्षेत्रीय सांस्कृतिक संरक्षकों की एक प्रवृत्ति के रूप में देखा जा रहा है, जो तेज़ी से बदलते समय में मूल परम्पराओं को सुरक्षित रखने का प्रयास कर रहे हैं। असम को वैश्विक सांस्कृतिक संवाद में एक जीवंत योगदानकर्ता बनाने की उनकी दृष्टि इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।