📷 चित्र स्रोत: Flickr (CC)
कृषि
बांके बिहारी मंदिर में गुलाबी सोने की महक
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 15 अग. 2026, 08:17 AM
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धसान नदी का बैकवाटर छतरपुर के ग्रामीणों के लिए रोजगार का साधन बन गया है, जो कमल के फूल इकट्ठा कर मथुरा मंडी में बेचते हैं। जुलाई से नवंबर तक चलने वाले सीजन में रोजाना लगभग 20,000 फूल इकट्ठे किए जाते हैं।
छतरपुर की धसान नदी का बैकवाटर कमल के फूलों के संग्रह का केंद्र बन गया है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। फूलों को रोजाना इकट्ठा किया जाता है और ट्रेन के माध्यम से मथुरा मंडी में भेजा जाता है। यह अनोखी पहल न केवल ग्रामीणों को आय उत्पन्न कर रही है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा दे रही है। जुलाई से नवंबर तक चलने वाला कमल के फूलों का सीजन ग्रामीणों के लिए एक महत्वपूर्ण अवधि है, जिसमें रोजाना लगभग 20,000 फूल इकट्ठे किए जाते हैं।