📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Metropolitan Museum of Art
शिक्षा
बिहार की 13 साल की लक्षणी, हाथों के बिना पैर से लिखती स्कूल
✍️ timesofindia.indiatimes.com
🗓 05 सित. 2026, 12:33 AM
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हाथों के बिना जन्मी 13 साल की लक्षणी ने पैर से लिखकर पढ़ाई जारी रखी है।
बिहार की 13 साल की लक्षणी हाथों के बिना जन्मी है, लेकिन उसने पैर से लिखकर पढ़ाई जारी रखी है।
स्थानीय स्कूल के शिक्षकों ने उसकी विशेष विधि को अपनाया है, असाइनमेंट के लिए अतिरिक्त समय दिया है और सहपाठियों को समावेशी माहौल बनाने के लिए प्रेरित किया है। लक्षणी रोज़ाना अभ्यास करती है, अपने पैर के अंगूठे से लिखने के लिए नोटबुक को इस तरह रखती है कि वह अपना काम स्पष्ट रूप से देख सके।
जिला शिक्षा अधिकारियों ने इस कहानी को दृढ़ता का उदाहरण बताया है और बच्चों के लिए अनुकूल शैक्षिक साधनों की आवश्यकता पर बल दिया है। उनका मानना है कि उसकी लगन हर बच्चे को बिना भेदभाव के पढ़ने का अधिकार दिलाती है।
लक्षणी के माता‑पिता ने उसकी साहसिकता पर गर्व व्यक्त किया, कहे कि उसकी पढ़ाई से आत्मविश्वास बढ़ता है और यह प्रदेश के अन्य विकलांग बच्चों के लिए प्रेरणा बनती है।
स्थानीय स्कूल के शिक्षकों ने उसकी विशेष विधि को अपनाया है, असाइनमेंट के लिए अतिरिक्त समय दिया है और सहपाठियों को समावेशी माहौल बनाने के लिए प्रेरित किया है। लक्षणी रोज़ाना अभ्यास करती है, अपने पैर के अंगूठे से लिखने के लिए नोटबुक को इस तरह रखती है कि वह अपना काम स्पष्ट रूप से देख सके।
जिला शिक्षा अधिकारियों ने इस कहानी को दृढ़ता का उदाहरण बताया है और बच्चों के लिए अनुकूल शैक्षिक साधनों की आवश्यकता पर बल दिया है। उनका मानना है कि उसकी लगन हर बच्चे को बिना भेदभाव के पढ़ने का अधिकार दिलाती है।
लक्षणी के माता‑पिता ने उसकी साहसिकता पर गर्व व्यक्त किया, कहे कि उसकी पढ़ाई से आत्मविश्वास बढ़ता है और यह प्रदेश के अन्य विकलांग बच्चों के लिए प्रेरणा बनती है।