📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Vanshu7002
स्वास्थ्य
बिहार ने नेपाल के बाढ़ के पानी में पकड़ी गई मछली को खाने‑बेचने पर चेतावनी जारी की
✍️ Hindustan Times
🗓 02 सित. 2026, 02:10 AM
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बिहार स्वास्थ्य विभाग ने नेपाल से बहते बाढ़ के पानी में पकड़ी गई मछली को खाने, खरीदने या बेचने से रोकने की सलाह दी है, क्योंकि उसमें प्रदूषण का खतरा हो सकता है।
बिहार स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार को एक सार्वजनिक नोटिस जारी कर लोगों से अनुरोध किया है कि वे नेपाल के बाढ़‑ग्रस्त क्षेत्रों से बहने वाले पानी में पकड़ी गई मछली को न खाएँ। अधिकारियों का कहना है कि इन बाढ़ के जल में प्रदूषक और रोगजनक हो सकते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकते हैं।
इस चेतावनी में उपभोक्ताओं, विक्रेताओं और मछली व्यापारियों को निर्देश दिया गया है कि वे ऐसी मछली को खरीदने, बेचने या पकाने से बचें, जब तक कि सुरक्षा के लिए विस्तृत परीक्षण न हो जाए। पटना और अन्य जिलों के प्रमुख मछली बाजारों में जांच बिंदु स्थापित किए गए हैं।
विभाग ने स्थानीय मीडिया और सोशल प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया है, यह बताते हुए कि यह उपाय अस्थायी है और खाद्य‑जनित बीमारियों को रोकने के लिए है। विस्तृत जल‑गुणवत्ता परीक्षण के परिणाम आने तक यह चेतावनी जारी रहेगी।
स्वास्थ्य अधिकारी जनता से अनुरोध कर रहे हैं कि वे संदिग्ध मछली की बिक्री की सूचना जिला स्वास्थ्य कार्यालय को दें और यदि किसी ने अनिश्चित स्रोत से मछली खा कर लक्षण महसूस किए हों तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें।
इस चेतावनी में उपभोक्ताओं, विक्रेताओं और मछली व्यापारियों को निर्देश दिया गया है कि वे ऐसी मछली को खरीदने, बेचने या पकाने से बचें, जब तक कि सुरक्षा के लिए विस्तृत परीक्षण न हो जाए। पटना और अन्य जिलों के प्रमुख मछली बाजारों में जांच बिंदु स्थापित किए गए हैं।
विभाग ने स्थानीय मीडिया और सोशल प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया है, यह बताते हुए कि यह उपाय अस्थायी है और खाद्य‑जनित बीमारियों को रोकने के लिए है। विस्तृत जल‑गुणवत्ता परीक्षण के परिणाम आने तक यह चेतावनी जारी रहेगी।
स्वास्थ्य अधिकारी जनता से अनुरोध कर रहे हैं कि वे संदिग्ध मछली की बिक्री की सूचना जिला स्वास्थ्य कार्यालय को दें और यदि किसी ने अनिश्चित स्रोत से मछली खा कर लक्षण महसूस किए हों तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें।