📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Shivamsetu
देश
बिहार म्यूज़ियम ने विश्व में 9वें स्थान पर पहुंचकर लूव्र और मेट से आगे बढ़ा
✍️ India Today
🗓 31 अक्टू. 2026, 02:48 AM
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इंडिया टुडे ने बताया कि बिहार म्यूज़ियम को विश्व रैंकिंग में नौवां स्थान मिला, जिससे लूव्र और मेट्रोपॉलिटन म्यूज़ियम से आगे निकल गया, जिसे उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने सराहा।
पटना स्थित बिहार म्यूज़ियम ने हालिया वैश्विक संग्रहालय रैंकिंग में नौवां स्थान हासिल किया, जैसा कि इंडिया टुडे ने बताया। इस क्रम में लूव्र (पेरिस) और मेट्रोपॉलिटन म्यूज़ियम (न्यूयॉर्क) जैसे विश्व प्रसिद्ध संस्थानों को पीछे छोड़ दिया गया है।
महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने इस उपलब्धि की सराहना की, यह कहा कि यह भारत की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने और प्रदर्शित करने में संग्रहालय की भूमिका को उजागर करता है। उन्होंने बताया कि यह मान्यता क्षेत्रीय संग्रहालयों के विश्व मंच पर बढ़ते महत्व को दर्शाती है।
अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक संस्था द्वारा तैयार इस रैंकिंग में संग्रह की गहराई, दर्शक अनुभव और नवाचारी कार्यक्रम जैसे मानदंडों को ध्यान में रखा गया है। हालिया विस्तार, इंटरैक्टिव प्रदर्शनी और सामुदायिक सहभागिता के कारण बिहार म्यूज़ियम ने घरेलू और विदेशी दोनों दर्शकों को आकर्षित किया है।
संग्रहालय के अधिकारियों का कहना है कि इस सम्मान से बिहार में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और सांस्कृतिक बुनियादी ढाँचे में अतिरिक्त निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा। वे अपने प्रदर्शन को और बेहतर बनाने और वैश्विक स्तर पर इस स्थान को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने इस उपलब्धि की सराहना की, यह कहा कि यह भारत की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने और प्रदर्शित करने में संग्रहालय की भूमिका को उजागर करता है। उन्होंने बताया कि यह मान्यता क्षेत्रीय संग्रहालयों के विश्व मंच पर बढ़ते महत्व को दर्शाती है।
अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक संस्था द्वारा तैयार इस रैंकिंग में संग्रह की गहराई, दर्शक अनुभव और नवाचारी कार्यक्रम जैसे मानदंडों को ध्यान में रखा गया है। हालिया विस्तार, इंटरैक्टिव प्रदर्शनी और सामुदायिक सहभागिता के कारण बिहार म्यूज़ियम ने घरेलू और विदेशी दोनों दर्शकों को आकर्षित किया है।
संग्रहालय के अधिकारियों का कहना है कि इस सम्मान से बिहार में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और सांस्कृतिक बुनियादी ढाँचे में अतिरिक्त निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा। वे अपने प्रदर्शन को और बेहतर बनाने और वैश्विक स्तर पर इस स्थान को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।