📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Railways
राजनीति
बिहार सांसद पप्पू यादव ने हाजीपुर बाढ़ राहत शिविर में भोजन की गुणवत्ता पर की तीखी आलोचना
✍️ Amar Ujala · Muzaffarpur
🗓 09 सित. 2026, 09:39 AM
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हाजीपुर के बाढ़ राहत शिविर में अचानक निरीक्षण के दौरान सांसद पप्पू यादव ने कहा कि पीड़ितों को जली दाल, कच्ची सब्जी और अधपका चावल दिया जा रहा है, यह अस्वीकार्य है।
बिहार के लोकसभा सांसद पप्पू यादव ने गुरुवार को हाजीपुर स्थित बाढ़ राहत शिविर में अचानक निरीक्षण किया, जहाँ उन्होंने रसोई और भोजन व्यवस्था को बारीकी से देखा। उन्होंने बताया कि पीड़ितों को जली दाल, कच्ची सब्जी और अधपका चावल दिया जा रहा है, जिसे उन्होंने अस्वीकार्य और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक कहा।
यादव ने शिविर के प्रबंधकों से इस बात पर चर्चा की और तुरंत सुधारात्मक कदम उठाने तथा भोजन आपूर्ति श्रृंखला की जाँच करने का आग्रह किया। उन्होंने राज्य सरकार से कहा कि राहत कैंपों में बुनियादी स्वच्छता और पकाने के मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए, खासकर जब मानसून के कारण कई परिवार अस्थायी आश्रय में रह रहे हैं।
यह घटना बिहार सरकार पर दबाव बढ़ा रही है, जो कई जिलों में गंभीर बाढ़ के बाद बड़े पैमाने पर राहत कार्यों का समन्वय कर रही है। अधिकारियों ने अभी तक यादव के आरोपों पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, पर सांसद ने कहा कि वह स्थिति की लगातार निगरानी करेंगे और किसी भी चूक की रिपोर्ट करेंगे।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रियाएँ मिश्रित रही; कुछ ने सांसद के हस्तक्षेप का स्वागत किया और आशा जताई कि इससे परिस्थितियों में सुधार होगा, जबकि अन्य ने कहा कि आपातकालीन स्थितियों में लॉजिस्टिक चुनौतियाँ अक्सर सहायता की गुणवत्ता को प्रभावित करती हैं।
राज्य के आपदा प्रबंधन दल को अगले कुछ दिनों में शिविर की भोजन आपूर्ति प्रक्रियाओं की समीक्षा करने की उम्मीद है, ताकि यादव द्वारा उजागर की गई कमियों को दूर किया जा सके।
यादव ने शिविर के प्रबंधकों से इस बात पर चर्चा की और तुरंत सुधारात्मक कदम उठाने तथा भोजन आपूर्ति श्रृंखला की जाँच करने का आग्रह किया। उन्होंने राज्य सरकार से कहा कि राहत कैंपों में बुनियादी स्वच्छता और पकाने के मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए, खासकर जब मानसून के कारण कई परिवार अस्थायी आश्रय में रह रहे हैं।
यह घटना बिहार सरकार पर दबाव बढ़ा रही है, जो कई जिलों में गंभीर बाढ़ के बाद बड़े पैमाने पर राहत कार्यों का समन्वय कर रही है। अधिकारियों ने अभी तक यादव के आरोपों पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, पर सांसद ने कहा कि वह स्थिति की लगातार निगरानी करेंगे और किसी भी चूक की रिपोर्ट करेंगे।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रियाएँ मिश्रित रही; कुछ ने सांसद के हस्तक्षेप का स्वागत किया और आशा जताई कि इससे परिस्थितियों में सुधार होगा, जबकि अन्य ने कहा कि आपातकालीन स्थितियों में लॉजिस्टिक चुनौतियाँ अक्सर सहायता की गुणवत्ता को प्रभावित करती हैं।
राज्य के आपदा प्रबंधन दल को अगले कुछ दिनों में शिविर की भोजन आपूर्ति प्रक्रियाओं की समीक्षा करने की उम्मीद है, ताकि यादव द्वारा उजागर की गई कमियों को दूर किया जा सके।