📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prime Minister's Office
कृषि
बिहार में रबी महाअभियान‑2026 का शुभारम्भ, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 40 किसान जागरूकता वाहनों को हरी झंडी दिखाई
✍️ Amar Ujala · Bihar
🗓 15 अक्टू. 2026, 06:36 PM
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मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार में रबी महाअभियान‑2026 का शुभारम्भ किया, 40 किसान जागरूकता वाहनों को हरी झंडी दिखा कर उन्नत खेती, सरकारी योजनाओं और अनुदानों की जानकारी देने का आदेश दिया।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को रबी महाअभियान‑2026 का औपचारिक शुभारम्भ किया और 40 विशेष रूप से सुसज्जित किसान जागरूकता वाहनों को हरी झंडी दिखाई। इन वाहनों को राज्य प्रतीक से सजाया गया है और वे आने वाले महीनों में ग्रामीण जिलों में घूमेंगे।
इस अभियान का उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को उन्नत खेती तकनीकों जैसे सटीक बुवाई, जल‑संचयनीय सिंचाई और मिट्टी स्वास्थ्य प्रबंधन पर व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान करना है। साथ ही, मोबाइल इकाइयों में केंद्र और राज्य की सब्सिडी योजनाओं, ऋण सुविधाओं और फसल बीमा विकल्पों के विस्तृत ब्रोशर भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह पहल रबी मौसम में उत्पादकता बढ़ाने और पारंपरिक तरीकों पर निर्भरता कम करने के राज्य के व्यापक प्रयासों के अनुरूप है। इन वाहनों का निर्धारित मार्ग होगा, जिससे किसानों को सीधे विस्तार अधिकारियों से मिलकर त्वरित सहायता मिल सकेगी।
शुरुआत से ही बिहार के मौसमी आउटरीच कार्यक्रमों का यह हिस्सा है, जिसका लक्ष्य किसानों को तकनीकी‑आधारित समाधान अपनाने और फसल उत्पादन में सुधार करने के लिए आवश्यक जानकारी प्रदान करना है।
इस अभियान का उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को उन्नत खेती तकनीकों जैसे सटीक बुवाई, जल‑संचयनीय सिंचाई और मिट्टी स्वास्थ्य प्रबंधन पर व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान करना है। साथ ही, मोबाइल इकाइयों में केंद्र और राज्य की सब्सिडी योजनाओं, ऋण सुविधाओं और फसल बीमा विकल्पों के विस्तृत ब्रोशर भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह पहल रबी मौसम में उत्पादकता बढ़ाने और पारंपरिक तरीकों पर निर्भरता कम करने के राज्य के व्यापक प्रयासों के अनुरूप है। इन वाहनों का निर्धारित मार्ग होगा, जिससे किसानों को सीधे विस्तार अधिकारियों से मिलकर त्वरित सहायता मिल सकेगी।
शुरुआत से ही बिहार के मौसमी आउटरीच कार्यक्रमों का यह हिस्सा है, जिसका लक्ष्य किसानों को तकनीकी‑आधारित समाधान अपनाने और फसल उत्पादन में सुधार करने के लिए आवश्यक जानकारी प्रदान करना है।