📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Elliott & Fry
सरकारी योजना
बापू टावर फेलोशिप 2026: गांधी‑बिहार शोध के लिए 5 लाख तक का अनुदान
✍️ Amar Ujala · Bihar
🗓 08 अक्टू. 2026, 08:45 PM
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बिहार सरकार ने बापू टावर फेलोशिप 2026 शुरू किया, जिससे शोधकर्ताओं को गांधी के जीवन और बिहार से जुड़ाव पर ऑडियो‑विजुअल एवं आधुनिक तकनीक के माध्यम से अध्ययन के लिये अधिकतम पाँच लाख रुपये तक का अनुदान मिलेगा।
पटना, बिहार – बिहार सरकार ने बापू टावर फेलोशिप 2026 की शुरुआत की, जो महात्मा गांधी के जीवन को ऑडियो‑विजुअल और आधुनिक डिजिटल साधनों से समझने के लिये एक शोध अनुदान योजना है। इस फेलोशिप के तहत विद्वानों, इतिहासकारों और छात्रों को गांधी और बिहार के सामाजिक, राजनीतिक व आर्थिक संबंधों का अध्ययन करने के लिये प्रोत्साहित किया जाएगा, क्योंकि बिहार स्वतंत्रता संग्राम में उनका महत्वपूर्ण केंद्र रहा है।
योग्य उम्मीदवार एक वर्ष के लिये अधिकतम पाँच लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता प्राप्त कर सकते हैं। यह राशि शोध खर्च, क्षेत्रीय यात्राओं, दस्तावेजीकरण और मल्टीमीडिया सामग्री के निर्माण हेतु उपयोग की जाएगी, जिससे गांधी की विरासत को व्यापक दर्शकों तक पहुँचाया जा सके।
आवेदन अब खुले हैं और इच्छुक शोधकर्ता बिहार सरकार की आधिकारिक पोर्टल पर विस्तृत दिशा‑निर्देश एवं आवेदन प्रक्रिया देख सकते हैं। यह पहल इतिहासिक कथा को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए बिहार को गांधी के प्रभाव पर शोध का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में एक कदम है।
योग्य उम्मीदवार एक वर्ष के लिये अधिकतम पाँच लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता प्राप्त कर सकते हैं। यह राशि शोध खर्च, क्षेत्रीय यात्राओं, दस्तावेजीकरण और मल्टीमीडिया सामग्री के निर्माण हेतु उपयोग की जाएगी, जिससे गांधी की विरासत को व्यापक दर्शकों तक पहुँचाया जा सके।
आवेदन अब खुले हैं और इच्छुक शोधकर्ता बिहार सरकार की आधिकारिक पोर्टल पर विस्तृत दिशा‑निर्देश एवं आवेदन प्रक्रिया देख सकते हैं। यह पहल इतिहासिक कथा को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए बिहार को गांधी के प्रभाव पर शोध का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में एक कदम है।