📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / PinchyCC
विज्ञान
बिहार में CUSB पर लगा पहला ब्लैक कार्बन मॉनिटर, वायु प्रदूषण व वर्षा अध्ययन हेतु
✍️ The Times of India
🗓 16 अक्टू. 2026, 06:16 AM
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बिहार का पहला ब्लैक कार्बन मॉनिटर CUSB में स्थापित किया गया, जो वायु में सॉर्ट के स्तर और वर्षा पर उसके प्रभाव का अध्ययन करेगा।
बिहार में पहली बार स्थापित किया गया ब्लैक कार्बन मॉनिटर इस सप्ताह सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ बिहार (CUSB) में लगा दिया गया। यह उपकरण सतत रूप से वायु में मौजूद सॉर्ट कणों की मात्रा को रिकॉर्ड करेगा, जो प्रदूषण का प्रमुख घटक है और जलवायु पर भी असर डालता है।
वैज्ञानिकों का मानना है कि ब्लैक कार्बन सूर्य की रोशनी को अवशोषित कर वायुमंडल को गरम करता है, जिससे बादल निर्माण और वर्षा पैटर्न में बदलाव आ सकता है। इस मॉनिटर से प्राप्त डेटा से यह समझा जाएगा कि शहरी व कृषि स्रोतों से निकलने वाले उत्सर्जन मॉनसून और स्थानीय वर्षा पर कैसे प्रभाव डाल रहे हैं।
यह पहल विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान विभाग और बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहयोग से चलाई जा रही है। एकत्रित आंकड़े राज्य स्तर के वायु‑गुणवत्ता मॉडल में शामिल किए जाएंगे और स्वास्थ्य जोखिमों को कम करने तथा वर्षा पूर्वानुमान में सुधार के लिए नीतियों के निर्माण में मदद करेंगे।
वैज्ञानिकों का मानना है कि ब्लैक कार्बन सूर्य की रोशनी को अवशोषित कर वायुमंडल को गरम करता है, जिससे बादल निर्माण और वर्षा पैटर्न में बदलाव आ सकता है। इस मॉनिटर से प्राप्त डेटा से यह समझा जाएगा कि शहरी व कृषि स्रोतों से निकलने वाले उत्सर्जन मॉनसून और स्थानीय वर्षा पर कैसे प्रभाव डाल रहे हैं।
यह पहल विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान विभाग और बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहयोग से चलाई जा रही है। एकत्रित आंकड़े राज्य स्तर के वायु‑गुणवत्ता मॉडल में शामिल किए जाएंगे और स्वास्थ्य जोखिमों को कम करने तथा वर्षा पूर्वानुमान में सुधार के लिए नीतियों के निर्माण में मदद करेंगे।