📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Information and public relations department Govern
बिज़नेस
बिहार में 50 लाख ‘लाखपति दिदी’ का रिकॉर्ड, सीएम सम्राट चौधरी ने कहा
✍️ The Economic Times
🗓 28 अग. 2026, 04:36 AM
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मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि बिहार पहली ऐसी राज्य है जहाँ 50 लाख महिलाओं के पास कम से कम एक लाख रुपये की संपत्ति है, उन्हें ‘लाखपति दिदी’ कहा जाता है।
पटना, 27 अगस्त 2026 – बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मीडिया को बताया कि राज्य ने ‘लाखपति दिदी’ के रूप में वर्गीकृत 5 लाख महिलाओं का आंकड़ा पार कर लिया है। यह शब्द उन महिलाओं को दर्शाता है जिनकी कुल संपत्ति एक लाख रुपये या उससे अधिक है, जो आर्थिक समावेशन का एक महत्वपूर्ण मानक माना जाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि राज्य‑स्तरीय वित्तीय योजनाओं, सूक्ष्म‑क्रेडिट कार्यक्रमों और महिलाओं के कौशल विकास पहलों के कारण संभव हुई है। पिछले कुछ वर्षों में सरकार ने कम ब्याज वाले ऋण, स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहन और महिला उद्यमियों के लिए बाजार पहुंच को आसान बनाने पर विशेष ध्यान दिया है।
चौधरी ने इस सफलता को लाभार्थियों और प्रशासनिक व्यवस्था दोनों को श्रेय दिया और सभी को मौजूदा योजनाओं में सक्रिय भागीदारी जारी रखने का आह्वान किया, ताकि बिहार में महिलाओं की आर्थिक स्थिति और सुदृढ़ हो सके।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि अब लक्ष्य ‘लाखपति’ स्तर से आगे बढ़कर महिलाओं को उच्च आय वर्ग में ले जाना है, जिससे सतत विकास और लिंग असमानता में कमी आएगी।
यह घोषणा बिहार के व्यापक एजेंडा के हिस्से के रूप में आई है, जिसका उद्देश्य महिलाओं की वित्तीय सुरक्षा को सुदृढ़ करना और राज्य की समग्र आर्थिक प्रगति में योगदान देना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि राज्य‑स्तरीय वित्तीय योजनाओं, सूक्ष्म‑क्रेडिट कार्यक्रमों और महिलाओं के कौशल विकास पहलों के कारण संभव हुई है। पिछले कुछ वर्षों में सरकार ने कम ब्याज वाले ऋण, स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहन और महिला उद्यमियों के लिए बाजार पहुंच को आसान बनाने पर विशेष ध्यान दिया है।
चौधरी ने इस सफलता को लाभार्थियों और प्रशासनिक व्यवस्था दोनों को श्रेय दिया और सभी को मौजूदा योजनाओं में सक्रिय भागीदारी जारी रखने का आह्वान किया, ताकि बिहार में महिलाओं की आर्थिक स्थिति और सुदृढ़ हो सके।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि अब लक्ष्य ‘लाखपति’ स्तर से आगे बढ़कर महिलाओं को उच्च आय वर्ग में ले जाना है, जिससे सतत विकास और लिंग असमानता में कमी आएगी।
यह घोषणा बिहार के व्यापक एजेंडा के हिस्से के रूप में आई है, जिसका उद्देश्य महिलाओं की वित्तीय सुरक्षा को सुदृढ़ करना और राज्य की समग्र आर्थिक प्रगति में योगदान देना है।